भारत के करीब पहुंचा युद्ध का साया! डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर ईरान का मिसाइल हमला, जानें क्या पड़ेगा असर

Diego Garcia Base Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच टकराव अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसका असर भारत के आसपास के इलाकों तक भी महसूस किया जा रहा है.

The shadow of war has come closer to India Iran missile attack on Diego Garcia military base
प्रतिकात्मक तस्वीर/ chatgpt

Diego Garcia Base Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच टकराव अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसका असर भारत के आसपास के इलाकों तक भी महसूस किया जा रहा है. हाल ही में ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद एक अहम सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया है.

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने डिएगो गार्सिया पर मिसाइल दागीं. यह अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य अड्डा है. बताया जा रहा है कि इस हमले में दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. हालांकि यह हमला अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया और बेस को कोई नुकसान नहीं हुआ.

कैसे नाकाम हुआ हमला

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही खराब हो गई. वहीं दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत से एक खास इंटरसेप्टर मिसाइल दागी गई. हालांकि यह पूरी तरह साफ नहीं है कि उसे पूरी तरह नष्ट किया गया या नहीं, लेकिन इतना तय है कि हमला सफल नहीं रहा और सैन्य अड्डा सुरक्षित है.

भारत के करीब क्यों माना जाता है यह अड्डा

डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है. यह भारत से करीब 1800 किलोमीटर दूर है. हालांकि दूरी ज्यादा लगती है, लेकिन समुद्र में बीच में ज्यादा बड़े देश या इलाके नहीं होने के कारण इसे भारत के करीब ही माना जाता है. यह अड्डा अमेरिका और ब्रिटेन के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यहां से वे एशिया और पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य गतिविधियां चलाते हैं.

हमले से पहले दी गई थी चेतावनी

इस हमले से पहले ही ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी थी. दरअसल, ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी, ताकि ईरान के ठिकानों पर कार्रवाई की जा सके.

इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ कहा था कि अगर ब्रिटेन अमेरिका का साथ देता है, तो इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. यह हमला उसी चेतावनी के बाद हुआ, जिससे साफ संकेत मिलता है कि ईरान अपने बयान पर अमल भी करता है.

मिसाइल क्षमता को लेकर उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि ईरान इतनी दूरी तक हमला कैसे कर पाया. डिएगो गार्सिया और ईरान के बीच की दूरी काफी ज्यादा है, जबकि ईरान की ज्यादातर मिसाइलों की सीमा इससे कम बताई जाती है.

ईरान के पास मौजूद लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल सौमर मिसाइल की रेंज भी सीमित मानी जाती है. ऐसे में यह साफ नहीं है कि इस हमले में किस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल किया गया.

बढ़ते तनाव के बीच चिंता

इस घटना के बाद यह साफ हो गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब और फैल सकता है. अगर ऐसे हमले जारी रहे, तो इसका असर सिर्फ उस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आगे हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या इस तनाव को जल्द कम किया जा सकेगा या नहीं.

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