भारत के साथ दोस्ती, पाकिस्तान से दुश्मनी... क्या जंग में तालिबान देगा साथ? अफगानिस्तान ने दिया बड़ा बयान

Afghanistan India Ties: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर कोई समस्या नहीं है.

Taliban side with India war against Pakistan Spokesperson Zabihullah Mujahid gave a clear answer
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Afghanistan India Ties: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर कोई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने रिश्ते और बेहतर करने के लिए काफी उत्सुक हैं.

जबीहुल्लाह मुजाहिद से पूछा गया था कि क्या दोनों देशों के रिश्ते वास्तव में वैसे ही अच्छे हैं, जैसे कागज पर दिखाई देते हैं. इस पर उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच अच्छे संबंध हैं. इंडिफोकस को दिए एक इंटरव्यू में मुजाहिद ने भारत के साथ रिश्तों और पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव पर खुलकर बात की.

 तालिबान ने पाकिस्तान को दिया संदेश 

अफगानिस्तान पिछले कुछ महीनों से लगातार भारत के साथ अच्छे संबंधों पर जोर दे रहा है. दूसरी ओर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव और सीमा पर टकराव देखने को मिला है.  हालांकि, तालिबान ने यह भी साफ किया है कि वह पाकिस्तान के साथ शांति चाहता है. मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान ने लंबे समय तक युद्ध झेला है और वह किसी भी देश के साथ संघर्ष नहीं चाहता.

क्या भारत के लिए पाकिस्तान से लड़ेगा तालिबान?

पत्रकार रुनझुन शर्मा ने मुजाहिद से पूछा कि क्या तालिबान की सेना भारत के समर्थन में पाकिस्तान के खिलाफ जमीनी लड़ाई में उतर सकती है. इस सवाल पर मुजाहिद ने लड़ाई से दूर रहने का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान इलाके में किसी तरह का युद्ध या अस्थिरता नहीं चाहता. उनका कहना था कि एक देश को दूसरे देश के खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, क्योंकि युद्ध से किसी को फायदा नहीं होता.

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर पिछले कुछ महीनों में कई बार गोलीबारी हुई है. इस पर मुजाहिद ने कहा कि हालिया सीमा संघर्ष की शुरुआत अफगानिस्तान ने नहीं की थी. उनके मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से हुई कार्रवाई के बाद अफगान बलों ने केवल अपना बचाव किया. मुजाहिद ने कहा कि अपनी रक्षा करना अफगानिस्तान का अधिकार है, लेकिन उनका देश शांति के पक्ष में है और किसी के साथ युद्ध नहीं चाहता.

काबुल में अमेरिकी दूतावास खोलने की इच्छा

मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान चाहता है कि काबुल में अमेरिकी दूतावास और वॉशिंगटन में अफगान दूतावास दोबारा काम करना शुरू करें. इससे दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों को सामान्य बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान चाहता है कि युद्ध के समय बनाई गई नीतियों में बदलाव हो और अमेरिका के साथ बेहतर संबंध स्थापित हों.

मक्का समझौते से तालिबान को कोई चिंता नहीं

मक्का समझौते को लेकर मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान को इससे कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग देश अपने हितों को ध्यान में रखकर समझौते करते हैं और ऐसे समझौतों से इस्लामिक देशों को फायदा ही हो सकता है.

मुजाहिद ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान को अहम देश बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान इन समझौतों को इस्लामिक देशों के बीच सहयोग के तौर पर देखता है. उन्होंने कहा कि इससे अफगानिस्तान को कोई खतरा नहीं है और इन देशों के प्रति उनके मन में किसी तरह की दुश्मनी नहीं है.

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