उज्बेकिस्तान ने PM मोदी को दिया अपना सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई समेत कई अहम समझौतों का ऐलान

Pm Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की. इस दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राज्य पुरस्कार ‘ओली दाराजली डस्टलिक’ से सम्मानित किया.

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Pm Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की. इस दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राज्य पुरस्कार ‘ओली दाराजली डस्टलिक’ से सम्मानित किया. पीएम मोदी ने सम्मान के लिए उज्बेकिस्तान का आभार जताया.

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश इस साल अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. इस खास मौके पर भारत और उज्बेकिस्तान अपने रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के तहत दोनों देश ठोस लक्ष्य तय करके आगे बढ़ेंगे.

यूरेनियम को लेकर बड़ा अपडेट

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश यूरेनियम की सप्लाई के लिए लंबी अवधि की व्यवस्था भी करेंगे. दोनों देशों के बीच यूरेनियम को लेकर होने वाला यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है.

पीएम मोदी ने तीन ‘सिस्टर-सिटी’ और ‘सिस्टर-स्टेट’ समझौतों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान में ‘न्यू ताशकंद’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, वहीं भारत ने गुजरात में ‘गिफ्ट सिटी’ विकसित की है. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल एक-दूसरे के विकास मॉडल, तकनीक और बेहतर काम करने के तरीकों को समझ सकते हैं.

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर

दोनों नेताओं की बातचीत में व्यापार और निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, खनिज, माइनिंग, रक्षा और सुरक्षा, इनोवेशन, खेती, दवाइयों, स्वास्थ्य, सूचना तकनीक, यूपीआई और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया.

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने अपनी किताब में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए कई अहम क्षेत्रों की पहचान की है और इनके लिए समय सीमा भी तय की है. उन्होंने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने से इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देश विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद बनाएंगे, जो आपसी सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों को आगे बढ़ाने का काम करेगी. इसके साथ ही संयुक्त आयोग का स्तर सचिव से बढ़ाकर मंत्री स्तर का किया जाएगा. दोनों देश एक बिजनेस समिट भी आयोजित करेंगे, जिसमें भारत और उज्बेकिस्तान के कारोबारी नेता हिस्सा लेंगे.

उज्बेक राष्ट्रपति ने भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार

राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने भारत को उज्बेकिस्तान का भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया. उन्होंने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचा. दोनों देशों के बीच हर हफ्ते 14 सीधी उड़ानें भी चल रही हैं.

उन्होंने कहा कि ‘लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर’ और ‘महात्मा गांधी सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज’ दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

उज्बेकिस्तान में योग काफी लोकप्रिय

मिर्जियोयेव ने कहा कि उज्बेकिस्तान में योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. साल 2018 से वहां एक अलग योग फेडरेशन काम कर रहा है. इसी साल जून में पूरे उज्बेकिस्तान में राष्ट्रीय स्तर का योग महोत्सव भी आयोजित किया गया था.

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त व्यवस्था शुरू करने से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा. इससे पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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