Rescue Mission Nun Kun: लद्दाख के कारगिल में स्थित नुन-कुन पर्वत पर शनिवार (29 अगस्त) को भारतीय सेना के एविएशन पायलटों ने बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया. पायलटों ने 18,600 फीट की ऊंचाई पर तेज हवाओं और कठिन पहाड़ी इलाके के बीच एक मरीज को सुरक्षित बाहर निकाला.
यह इलाका इतना खड़ा था कि हेलिकॉप्टर उतारने के लिए सामान्य लैंडिंग की जगह नहीं थी. ऐसे में सेना के पायलटों ने हेलिकॉप्टर को बेहद कम ऊंचाई पर स्थिर रखा. हेलिकॉप्टर के सिर्फ एक स्किड को ढलान से टिकाकर उसे संतुलित किया गया और मरीज को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया गया.
दरअसल, 18,600 फीट की ऊंचाई पर हवा का दबाव काफी कम होता है. इससे हेलिकॉप्टर के इंजन की ताकत और रोटर से मिलने वाली लिफ्ट भी कम हो जाती है. ऐसी स्थिति में उड़ान को आसान बनाने के लिए हेलिकॉप्टर से सभी गैर-जरूरी सामान हटा दिए गए थे. इसके अलावा उसमें सीमित मात्रा में ही ईंधन रखा गया, ताकि हेलिकॉप्टर की लिफ्ट क्षमता बढ़ाई जा सके.
Daring High-Altitude Casualty Evacuation 🇮🇳
— @firefurycorps_IA (@firefurycorps) August 29, 2026
In a daring rescue mission at 18,600 ft near Nun Kun, Indian Army Aviation pilots evacuated a casualty from an extremely challenging slope with no landing space and strong winds.
With the helicopter lightened by removing non-essential… pic.twitter.com/NaOyFRWxSR
सेना ने बताया साहसिक रेस्क्यू मिशन
भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी एक्स पर साझा की. सेना ने बताया कि नुन-कुन के पास 18,600 फीट की ऊंचाई पर एक घायल व्यक्ति को बेहद मुश्किल ढलान से सुरक्षित बाहर निकाला गया. वहां लैंडिंग के लिए कोई जगह नहीं थी और तेज हवाएं चल रही थीं.
सेना के मुताबिक, पायलटों ने बेहद सावधानी, साहस और सटीकता के साथ इस मिशन को पूरा किया. इसमें हेलिकॉप्टर के सिर्फ एक स्किड को ढलान पर टिकाकर की गई मुश्किल लैंडिंग भी शामिल थी.
क्या होती है वन-स्किड लैंडिंग?
जब हेलिकॉप्टर के लिए समतल जमीन उपलब्ध नहीं होती या लैंडिंग की जगह बहुत छोटी और ढलान वाली होती है, तब सामान्य तरीके से हेलिकॉप्टर उतारना मुश्किल होता है. ऐसी स्थिति में पायलट हेलिकॉप्टर को हवा में स्थिर रखते हुए उसका सिर्फ एक स्किड जमीन या ढलान पर टिकाता है.
इसके बाद हेलिकॉप्टर को संतुलित रखते हुए लोगों या मरीज को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है. इसे वन-स्किड लैंडिंग कहा जाता है. पहाड़ी और बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में इस तरह का रेस्क्यू ऑपरेशन पायलटों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है.
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