खुशखबरी! अब Smartphone खरीदना होगा सस्ता, जल्द घटेंगे मोबाइल के दाम, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

बजट 2026 इस बार सिर्फ आंकड़ों और योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता नजर आ रहा है. सरकार ने टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को केंद्र में रखते हुए ऐसे फैसले किए हैं, जो आने वाले समय में स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को ज्यादा किफायती बना सकते हैं.

Smartphones will now be cheaper check out the reason
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बजट 2026 इस बार सिर्फ आंकड़ों और योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता नजर आ रहा है. सरकार ने टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को केंद्र में रखते हुए ऐसे फैसले किए हैं, जो आने वाले समय में स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को ज्यादा किफायती बना सकते हैं. खास तौर पर लिथियम-आयन बैटरी इंडस्ट्री को लेकर किया गया ऐलान बाजार में हलचल पैदा कर रहा है.

लिथियम-आयन बैटरी पर टैक्स में राहत का ऐलान

सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को कम करने का फैसला लिया है. यह कदम दिखने में भले तकनीकी लगे, लेकिन इसका असर आम उपभोक्ता तक पहुंचने वाला है. चूंकि स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स दोनों ही लिथियम-आयन बैटरियों पर निर्भर हैं, इसलिए इनकी कीमतों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.

कंपनियों की लागत घटेगी, ग्राहक को मिलेगा फायदा

सरकार का तर्क साफ है कि जब कच्चा माल सस्ता होगा, तो बैटरी बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत कम होगी. लागत घटने का सीधा असर फाइनल प्रोडक्ट की कीमत पर पड़ता है. ऐसे में आने वाले महीनों में मोबाइल फोन और ईवी पहले की तुलना में ज्यादा किफायती हो सकते हैं. यह राहत उन लोगों के लिए खास है, जो महंगी कीमतों की वजह से अब तक नई तकनीक अपनाने से पीछे हट रहे थे.

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की रणनीति

इस बजट फैसले के पीछे सरकार का एक बड़ा लक्ष्य भारत में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना भी है. फिलहाल देश बैटरी और उससे जुड़े कई अहम कंपोनेंट्स के लिए आयात पर निर्भर है. कस्टम ड्यूटी में कटौती कर सरकार कंपनियों को यह संदेश देना चाहती है कि वे भारत में ही निवेश करें और उत्पादन बढ़ाएं. इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि भारत को एक मजबूत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी मदद मिलेगी.

2026-27 में दिख सकता है असर

सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले का असली असर वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान साफ तौर पर नजर आएगा. जैसे-जैसे कंपनियों की लागत कम होगी, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा. टेक्नोलॉजी धीरे-धीरे सस्ती और ज्यादा सुलभ होती जाएगी, जिससे डिजिटल और ईवी क्रांति को और गति मिल सकती है.

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिला बड़ा सपोर्ट

बजट 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को भी खास तवज्जो दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में तय लक्ष्य से पहले ही दोगुना निवेश आ चुका है. इसी सकारात्मक संकेत को देखते हुए सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

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