Zoom यूजर्स पर मंडरा रहा साइबर अटैक का खतरा! सरकार ने जारी की चेतावनी, भूलकर भी ना करें ये गलती

Zoom Users Alert: अगर आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में Zoom मीटिंग्स शामिल हैं. चाहे वह ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई या दोस्तों के साथ वर्चुअल बातचीत, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है.

Government warning for Zoom Users CERT-In issued alert tech news in hindi
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Zoom Users Alert: अगर आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में Zoom मीटिंग्स शामिल हैं. चाहे वह ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई या दोस्तों के साथ वर्चुअल बातचीत, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है. भारत सरकार की ओर से Zoom यूजर्स के लिए एक गंभीर साइबर चेतावनी जारी की गई है. तेजी से बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के बीच अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म भी हैकर्स के निशाने पर आ गए हैं, जिससे यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा दोनों पर खतरा मंडराने लगा है.

सरकार ने क्यों बजाया खतरे का अलार्म?

इस हाई-रिस्क अलर्ट को भारत की शीर्ष साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने जारी किया है. एजेंसी की जांच में Zoom प्लेटफॉर्म में एक बड़ी तकनीकी कमजोरी सामने आई है. CERT-In के मुताबिक, इस खामी के जरिए साइबर अपराधी किसी भी यूजर के सिस्टम पर दूर बैठे ही खतरनाक कमांड भेज सकते हैं. अगर हमला सफल हो जाता है, तो हैकर डिवाइस पर उसी तरह नियंत्रण हासिल कर सकता है जैसे खुद यूजर के पास होता है.

कितनी गंभीर है Zoom की यह खामी?

Zoom ने खुद इस सिक्योरिटी लूपहोल को बेहद खतरनाक मानते हुए इसे “क्रिटिकल” श्रेणी में रखा है. इस खामी को CVSS स्कोर 9.9 आउट ऑफ 10 दिया गया है, जो इसके गंभीर स्तर को दर्शाता है. तकनीकी भाषा में इसे CVE-2026-22844 नाम दिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कोई भी मीटिंग में शामिल व्यक्ति नेटवर्क के ज़रिये सर्वर पर नुकसानदायक कमांड चला सकता है, जिससे पूरी मीटिंग व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.

Zoom के किस हिस्से में है तकनीकी गड़बड़ी?

CERT-In की रिपोर्ट के मुताबिक, यह समस्या Zoom के Node Multimedia Router यानी MMR से जुड़ी है. यह सिस्टम बड़ी और हाइब्रिड मीटिंग्स में ऑडियो और वीडियो को संभालने का काम करता है. Zoom Node Meetings, Hybrid और Zoom Node Meeting Connector के पुराने वर्जन—विशेष रूप से 5.2.1716.0 से पहले वाले—इस खतरे की चपेट में हैं. एजेंसी ने सभी एडमिनिस्ट्रेटर्स को तुरंत लेटेस्ट वर्जन अपडेट करने की सलाह दी है.

Zoom यूजर्स का डेटा कैसे करता है इस्तेमाल?

Zoom का कहना है कि वह यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करता है. इसमें अकाउंट सेटिंग्स सेव करना, मीटिंग से जुड़े रिमाइंडर भेजना और नए फीचर्स की जानकारी देना शामिल है. कुछ मामलों में कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए भी डेटा का इस्तेमाल कर सकती है, हालांकि यह सब उसकी प्राइवेसी पॉलिसी के दायरे में होता है.

Zoom इस्तेमाल करते समय कैसे रहें सुरक्षित?

Zoom पर सुरक्षित रहने के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां बेहद जरूरी हैं. हमेशा ऐप का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल रखें ताकि नए सिक्योरिटी पैच समय पर मिल सकें. मीटिंग्स के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और मीटिंग लिंक को सोशल मीडिया या पब्लिक प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचें. वेटिंग रूम फीचर को ऑन रखें ताकि अनजान लोग सीधे मीटिंग में न घुस सकें. साथ ही, स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति सीमित रखें और किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक करने से पहले सतर्क रहें.

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