ट्रंप के टैरिफ से संकट में आई सिंगापुर की इकोनॉमी, पीएम बोले- ग्लोबलाइजेशन का दौर अब खत्म हो चुका है

वैश्विक व्यापार की बदलती परिस्थितियों के बीच, सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक नए, अनिश्चित दौर में प्रवेश कर रही है.

Singapores economy in trouble due to Trumps tariff PM said- the era of globalization is over now
लॉरेंस वोंग/Photo- ANI

सिंगापुर: वैश्विक व्यापार की बदलती परिस्थितियों के बीच, सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक नए, अनिश्चित दौर में प्रवेश कर रही है. उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार को लेकर बने अस्थिर माहौल का सीधा प्रभाव छोटे और व्यापार-निर्भर देशों पर पड़ेगा, जिसमें सिंगापुर भी शामिल है.

टैरिफ के बढ़ते प्रभाव और संभावित व्यापार युद्ध

वोंग ने बताया कि विभिन्न देशों द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. इससे न केवल व्यापार में बाधा आएगी, बल्कि सप्लाई चेन भी प्रभावित होगी, जिससे आर्थिक अस्थिरता बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि सिंगापुर जैसे छोटे देशों के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था वैश्विक व्यापार पर अत्यधिक निर्भर है.

ब्रिटेन और अमेरिका की नीतियों में बदलाव

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी हाल ही में दिए गए एक लेख में ग्लोबलाइजेशन के अंत की बात कही. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे जल्द ही एक आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं जिसमें वैश्विक व्यापार के मौजूदा मॉडल में बदलाव को रेखांकित किया जाएगा.

स्टार्मर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसलों से असहमत दिखे. उन्होंने कहा कि ग्लोबलाइजेशन अब उतना प्रभावी नहीं रहा है और इससे कई देशों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. उनकी राय में, आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की नई रणनीतियां अपनाई जाएंगी.

ट्रम्प के टैरिफ का वैश्विक प्रभाव

ट्रम्प प्रशासन ने हाल ही में विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसमें चीन पर 54%, वियतनाम पर 46% और भारत पर 26% शुल्क शामिल है. सिंगापुर पर केवल 10% टैरिफ लगाया गया है, लेकिन व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह शुल्क भी देश की लॉजिस्टिक्स और शिपिंग कंपनियों को बड़े नुकसान की ओर धकेल सकता है.

अगर प्रमुख व्यापारिक देशों का निर्यात प्रभावित होता है, तो सिंगापुर की अर्थव्यवस्था भी संकट में आ सकती है. इससे नई नौकरियों की संभावनाएं कम हो सकती हैं और देश में महंगाई बढ़ने की आशंका है.

ग्लोबलाइजेशन: एक संक्षिप्त परिचय

ग्लोबलाइजेशन का तात्पर्य दुनिया भर के देशों के आर्थिक और व्यापारिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ने से है. 1991 के बाद, जब सोवियत संघ का पतन हुआ, तब से वैश्विक बाजारों का विस्तार हुआ और कई देशों ने अपने दरवाजे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोल दिए.

इससे उत्पादों की उपलब्धता बढ़ी और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए. हालांकि, अब कुछ देश वैश्विक व्यापार के इस मॉडल से पीछे हटने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर अमेरिका, जो घरेलू उत्पादकों को बढ़ावा देने के लिए टैरिफ बढ़ा रहा है.

शेयर बाजार पर गहरा असर

टैरिफ की घोषणा के बाद, अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई. S&P 500 में 5%, नैस्डैक में 6% और डाउ जोन्स में 4% की गिरावट आई. चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 34% टैरिफ की घोषणा की, जिससे वैश्विक बाजारों में और अधिक अस्थिरता आ गई.

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह व्यापार युद्ध बढ़ता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं इस स्थिति से निपटने के लिए किस प्रकार की रणनीतियां अपनाती हैं.

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