शुभेंदु दा ने दीदी के घर में जाकर उन्हें हराया... बैठक में बोले अमित शाह, BJP कार्यकर्ताओं को किया याद

Amit Shah In Bengal: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी के भीतर सरकार गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवनिर्वाचित विधायकों को संबोधित करते हुए इस जनादेश को “ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी” बताया.

Shubhendu da went to mamata banerjee house and defeated her Amit Shah remembered BJP workers
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Amit Shah In Bengal: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी के भीतर सरकार गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवनिर्वाचित विधायकों को संबोधित करते हुए इस जनादेश को “ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी” बताया. 

उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने भय, हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के माहौल से बाहर निकलकर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. इस दौरान अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी को बंगाल का भावी मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि राज्य अब “भयमुक्त बंगाल” की दिशा में आगे बढ़ चुका है.

विधायक दल की बैठक में दिखा उत्साह

बीजेपी विधायक दल की बैठक में भारी उत्साह देखने को मिला. अमित शाह के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों का स्वागत किया गया और आगामी सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई. अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत “राम राम” कहकर की और सभी विधायकों को जीत की बधाई दी.

उन्होंने कहा कि जिस माहौल में चुनाव संपन्न हुए, उसमें जनता का इस तरह का प्रचंड समर्थन मिलना बेहद बड़ा संदेश है. शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने लोकतंत्र और विकास की राजनीति को चुना है.

“मन भयमुक्त हो और सिर गर्व से ऊंचा हो”

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने रवीन्द्रनाथ टैगोर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल अब उस दिशा में बढ़ रहा है जहां “मन भयमुक्त हो और सिर गर्व से ऊंचा हो.”

उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंगाल में राजनीतिक हिंसा और डर का वातावरण बनाया गया था. पहले वामपंथी शासन और बाद में उसके बाद की राजनीति ने राज्य में भय की संस्कृति को मजबूत किया. शाह ने कहा कि ऐसे माहौल में भी जनता ने बीजेपी को समर्थन देकर बदलाव का स्पष्ट संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि अब बंगाल में भयमुक्त समाज का रास्ता खुल चुका है और बीजेपी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी.

पांच दशक की राजनीति पर अमित शाह का हमला

अमित शाह ने कहा कि पिछले लगभग पांच दशकों में बंगाल ने कानून व्यवस्था, लोकतंत्र और आर्थिक विकास के स्तर पर गंभीर चुनौतियां देखीं. उन्होंने आरोप लगाया कि नकारात्मक राजनीति और हिंसा ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया. शाह ने कहा कि अब बीजेपी की जिम्मेदारी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंगाल की जनता से किए गए वादों को जमीन पर उतारा जाए. 

उन्होंने कहा कि पार्टी बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और विकास को नई गति देने का काम करेगी. उन्होंने अपने संबोधन में रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानन्द, श्री अरबिंदो और रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए कहा कि बीजेपी बंगाल को उनकी सोच और आदर्शों वाला राज्य बनाने की दिशा में काम करेगी.

“श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा हुआ”

अमित शाह ने इस जीत को वैचारिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि 1950 से शुरू हुई विचारधारा की यात्रा अब बंगाल तक पहुंच चुकी है. उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि बंगाल में उनकी विचारधारा वाली पार्टी की सरकार बनना एक ऐतिहासिक क्षण है. शाह ने कहा कि जब अनुच्छेद 370 हटाया गया था, तब कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा था कि अभी एक सपना बाकी है, बंगाल में बीजेपी की सरकार. अब वह सपना भी पूरा होता दिखाई दे रहा है.

2014 से 2026 तक बीजेपी की यात्रा

अपने संबोधन में अमित शाह ने बीजेपी के विस्तार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2014 से शुरू हुई पार्टी की यात्रा अब “गंगोत्री से गंगा सागर” तक पहुंच चुकी है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने केवल संगठन का विस्तार नहीं किया, बल्कि विचारधारा और विकास को भी जनता तक पहुंचाया. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने विकास और जनसमर्थन दोनों को मजबूत किया है और यही बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत है.

321 कार्यकर्ताओं के बलिदान का उल्लेख

अमित शाह ने कहा कि बंगाल में बीजेपी की यह यात्रा आसान नहीं रही. उन्होंने दावा किया कि इस जीत के पीछे पार्टी के 321 कार्यकर्ताओं का बलिदान है. उन्होंने कहा कि उन्होंने देशभर की राजनीति देखी है, लेकिन बंगाल और केरल जैसी हिंसा कहीं नहीं देखी. शाह ने सभी दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा.

सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर बड़ा बयान

अमित शाह ने अपने भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि अब त्रिपुरा, असम और बंगाल, तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार होने से सीमा सुरक्षा और मजबूत होगी.

उन्होंने कहा कि तस्करी और घुसपैठ के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया जाएगा. शाह ने कहा कि बीजेपी का संकल्प है कि देशभर से घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर किया जाएगा और देश को “घुसपैठिया मुक्त” बनाया जाएगा.

“यह सिर्फ सत्ता की जीत नहीं”

अमित शाह ने कहा कि यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जीत है. उन्होंने महिला उम्मीदवारों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने उन चेहरों को आगे बढ़ाया जिन्होंने संघर्ष और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी. शाह ने कहा कि जनता ने बीजेपी को केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि बंगाल में नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित करने के लिए समर्थन दिया है.

भवानीपुर सीट का खास जिक्र

अपने भाषण में अमित शाह ने भवानीपुर सीट का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने “दीदी के घर में जाकर” उन्हें हराया है. उन्होंने भवानीपुर की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि वहां के लोगों ने पूरे देश को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है.

रिकॉर्ड मतदान और शांतिपूर्ण चुनाव की तारीफ

अमित शाह ने कहा कि इस बार बंगाल में रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान हुआ, जो आजादी के बाद सबसे अधिक बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा और बूथ कैप्चरिंग जैसी शिकायतें सामने नहीं आईं. शाह ने चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों, बंगाल पुलिस और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया.

कार्यकर्ताओं को दी खास नसीहत

अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि सरकार बनने के बाद किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रतिशोध की राजनीति से बचा जाए. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने बीजेपी को बड़ा जनादेश दिया है और अब पार्टी की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. 

शाह ने कहा कि सरकार को पूरी विनम्रता, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनता की सेवा करनी होगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य केवल सरकार चलाना नहीं, बल्कि बंगाल को विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के रास्ते पर आगे ले जाना है.

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