इंडोनेशिया में अचानक फटा ज्वालामुखी, 3 पर्यटकों की दर्दनाक मौत; 10KM तक उठा राख का गुबार, देखें VIDEO

Indonesia Volcano: इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी पर सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने का जुनून तीन लोगों की जान ले बैठा. अधिकारियों के मुताबिक, ज्वालामुखी के प्रतिबंधित इलाके में पहुंचे 20 हाइकर्स अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आ गए.

Volcano suddenly erupts in Indonesia tragic death of 3 tourists Cloud of ash rose up to 10KM VIDEO
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Indonesia Volcano: इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी पर सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने का जुनून तीन लोगों की जान ले बैठा. अधिकारियों के मुताबिक, ज्वालामुखी के प्रतिबंधित इलाके में पहुंचे 20 हाइकर्स अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आ गए. हादसे में दो सिंगापुर नागरिकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित नीचे लाया गया.

10 किलोमीटर तक उठा राख का गुबार

शुक्रवार को इंडोनेशिया के हलमहेरा द्वीप स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि राख और धुएं का विशाल गुबार करीब 10 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंच गया. कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका राख से ढक गया और पहाड़ पर मौजूद हाइकर्स में भगदड़ मच गई.

हालांकि राहत की बात यह रही कि ज्वालामुखी के आसपास कोई बड़ी आबादी नहीं थी. अधिकारियों के अनुसार, करीब 9 किलोमीटर के दायरे में कोई गांव या शहर मौजूद नहीं है, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि टल गई.

चेतावनी के बावजूद नो-गो जोन में पहुंचे थे पर्यटक

स्थानीय प्रशासन और वैज्ञानिक एजेंसियों ने पहले ही माउंट डुकोनो के खतरनाक क्षेत्र में जाने पर रोक लगा रखी थी. दिसंबर से ही सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हैजार्ड मिटिगेशन (PVMBG) लगातार चेतावनी जारी कर रहा था कि लोग मालुपांग वारिरांग क्रेटर के 4 किलोमीटर के दायरे में न जाएं.

इसके बावजूद कई विदेशी पर्यटक सोशल मीडिया कंटेंट और एडवेंचर वीडियो शूट करने के लिए प्रतिबंधित इलाके में पहुंच गए. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ट्रेल एंट्री पॉइंट पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया.

20 हाइकर्स में 9 विदेशी, तीन की गई जान

नॉर्थ हलमहेरा पुलिस प्रमुख एरलिक्सन पासारीबू के मुताबिक, हादसे के समय ज्वालामुखी की ढलानों पर कुल 20 हाइकर्स मौजूद थे. इनमें 9 सिंगापुर के नागरिक थे, जबकि बाकी इंडोनेशियाई पर्यटक और स्थानीय लोग शामिल थे.

अधिकारियों ने बताया कि अब तक 15 हाइकर्स को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है, लेकिन मृतकों के शव अभी भी पहाड़ पर मौजूद हैं. कुछ अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है.

गाइड और पोर्टर पर भी हो सकती है कार्रवाई

जांच एजेंसियों ने इस मामले में स्थानीय गाइड और एक पोर्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. आरोप है कि उन्होंने प्रतिबंधित इलाके में पर्यटकों को ले जाकर नियमों का उल्लंघन किया. पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है.

‘रील कल्चर’ पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद इंडोनेशिया प्रशासन ने सोशल मीडिया के लिए खतरनाक जगहों पर वीडियो बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई है. अधिकारियों का कहना है कि कई विदेशी पर्यटक सिर्फ वायरल कंटेंट बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. पुलिस प्रमुख ने कहा कि स्थानीय लोग खतरे को समझते हैं और ऐसे क्षेत्रों से दूर रहते हैं, लेकिन बाहरी पर्यटक चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लेते.

‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है इंडोनेशिया

इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा ज्वालामुखीय गतिविधियों वाले क्षेत्रों में शामिल है. यह देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं.

देश में करीब 130 सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं, जिनमें माउंट डुकोनो भी शामिल है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे इलाकों में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां मौसम और भूगर्भीय गतिविधियां कभी भी खतरनाक रूप ले सकती हैं.

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