MP Liquor Death: मध्य प्रदेश के सागर जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. बंडा तहसील के बराज गांव में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी.
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि ग्रामीणों ने शराब कहां से खरीदी थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही हैं.
जहरीली शराब कांड के बाद आबकारी विभाग पर सवाल
इस घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है. स्थानीय सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने बाजार में ‘बांबे व्हिस्की’ के नाम से कथित तौर पर बिक रही नकली शराब को लेकर आबकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी.
आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले में समय रहते अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. अब इसी कथित लापरवाही को लेकर विभाग की निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, पूरे मामले में वास्तविक जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
हादसे से पहले बैठक में उठी थी अवैध शराब की शिकायत
बताया जा रहा है कि घटना से करीब चार दिन पहले आबकारी विभाग की एक बैठक आयोजित हुई थी. इस बैठक में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों ने इलाके में कथित तौर पर चल रहे अवैध शराब कारोबार और नकली शराब की बिक्री को लेकर नाराजगी जताई थी.
अब जहरीली शराब से 9 लोगों की मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले से शिकायतें और चेतावनियां सामने आ रही थीं, तो उन पर कितनी कार्रवाई हुई. फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और दोषियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है.
मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना पर दुख जताते हुए तरबर सिंह लोधी ने इसे बेहद गंभीर त्रासदी बताया है. उन्होंने हादसे के लिए आबकारी विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और अवैध शराब कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
वहीं प्रतिभा पाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन की ओर से मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
अस्पताल में भर्ती लोगों के इलाज पर निगरानी
हादसे के बाद प्रभावित लोगों का इलाज भी जारी है. सागर के सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार की निगरानी की और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि करने में जुटा है. वहीं पुलिस अवैध शराब के स्रोत और इसकी सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों और विभागीय स्तर पर किसी लापरवाही की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी.
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