ट्रंप भारत को नहीं खरीदने दे रहे S-400 और SU-35 फाइटर जेट! रूस का अमेरिका पर बड़ा आरोप

मास्को से एक बड़ा बयान सामने आया है, जहां रूस ने अमेरिका पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह भारत समेत कई एशियाई देशों को रूसी हथियार खरीदने से रोकने की कोशिश कर रहा है.

Russia alleged america for not allowing india to buy s400 and su 35 fighter jets
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मास्को से एक बड़ा बयान सामने आया है, जहां रूस ने अमेरिका पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह भारत समेत कई एशियाई देशों को रूसी हथियार खरीदने से रोकने की कोशिश कर रहा है. रूसी रक्षा मंत्रालय के खुफिया विभाग (RuMoD) के अनुसार, वाशिंगटन जानबूझकर प्रतिबंधों की धमकी देकर क्षेत्रीय देशों पर दबाव बना रहा है ताकि वे मास्को के साथ रक्षा सौदों से पीछे हट जाएं.

मॉस्को इंटरनेशनल सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी खुफिया एजेंसी RuMoD के प्रमुख इगोर कोस्त्युकोव ने यह दावा किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह रणनीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश है. उनके अनुसार, अमेरिका चाहता है कि इन देशों की सैन्य निर्भरता सिर्फ वाशिंगटन पर बनी रहे, न कि रूस जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर.

भारत और अन्य देशों पर दबाव की रणनीति?

रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोस्त्युकोव ने कहा, “अमेरिका प्रतिबंधों की धमकी देकर भारत को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, इंडोनेशिया को Su-35 फाइटर जेट और फिलीपींस को Mi-171 हेलिकॉप्टर जैसी डील्स को रोकने के लिए मजबूर कर रहा है.” यह आरोप ऐसे वक्त में सामने आया है जब भारत ने हाल के वर्षों में रूस से अपने रक्षा सौदों में कटौती की है और पश्चिमी देशों की ओर झुकाव बढ़ाया है.

रूस के हथियार निर्यात पर असर

रूस का यह गुस्सा पूरी तरह से अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़े बताते हैं कि 2014–2018 की तुलना में 2019–2023 के बीच रूस का हथियार निर्यात करीब 53% तक घट गया है. इस गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह भारत भी है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में रूस के बजाए फ्रांस, अमेरिका, इजरायल और जर्मनी जैसे देशों के साथ रक्षा सौदों को तरजीह दी है.

भारत के सामने रणनीतिक संतुलन की चुनौती

भारत हमेशा से “स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी” यानी रणनीतिक स्वतंत्रता की नीति पर चला है. रूस भारत का पुराना रक्षा साझेदार रहा है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और वैश्विक दबावों के बीच भारत के लिए बैलेंस बनाना आसान नहीं रह गया है. S-400 डील पर अमेरिका की तरफ से CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) के तहत प्रतिबंध लगाने की चेतावनी पहले भी दी जा चुकी है, जिससे भारत को अपनी विदेश नीति और रक्षा जरूरतों के बीच संतुलन बैठाने की चुनौती मिली है.

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