मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत ने शुरू की तैयारी, तैनात कर रहा 'देसी ब्रह्मास्त्र', जानें ताकत और खासियत

दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी टकराव ने वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है.

Indian Army has launched Pinaka Rocket Launcher Regiment
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दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी टकराव ने वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है. इसी बीच भारत ने भी अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है, खासकर पाकिस्तान और चीन से सटी सीमाओं पर.

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए स्वदेशी रॉकेट सिस्टम ‘पिनाका’ की एक और रेजिमेंट को ऑपरेशनल कर दिया है और आने वाले समय में इसकी संख्या और बढ़ाने की तैयारी चल रही है.

पिनाका रेजिमेंट की संख्या बढ़ाने पर जोर

जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना के पास अब कुल 7 पिनाका रेजिमेंट सक्रिय हो चुकी हैं, जिन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर तैनात किया गया है.

इसके साथ ही आठवीं रेजिमेंट के लिए भी आधे से ज्यादा उपकरण मिल चुके हैं और इसे 2026 के अंत तक पूरी तरह ऑपरेशनल करने का लक्ष्य है.

आगे की योजना के तहत अगले साल दो और रेजिमेंट शामिल की जाएंगी, जिससे कुल संख्या 10 तक पहुंच जाएगी. सेना का दीर्घकालिक लक्ष्य 22 पिनाका रेजिमेंट तैयार करने का है.

चीन-पाक सीमा पर बढ़ी सतर्कता

भारत की पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा और चीन से लगी उत्तरी सीमा लंबे समय से संवेदनशील रही हैं. खासतौर पर गलवान घाटी झड़प 2020 के बाद सेना ने अपनी आर्टिलरी क्षमता को तेजी से मजबूत करने का फैसला लिया था.

इसी दिशा में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, टाटा पावर और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के साथ बड़े स्तर पर समझौते किए गए थे, जिनके तहत पिनाका सिस्टम का निर्माण और तैनाती तेज की गई है.

क्यों खास है ‘पिनाका’ सिस्टम?

‘पिनाका’ एक स्वदेशी मल्टी-बारेल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया है.

इसे भारतीय सेना का ‘देसी ब्रह्मास्त्र’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह बहुत कम समय में बड़े इलाके को निशाना बनाने की क्षमता रखता है.

एक पिनाका लॉन्चर एक साथ 12 रॉकेट दाग सकता है और कुछ ही सेकंड में दुश्मन के बड़े क्षेत्र को तबाह कर सकता है. इसकी मारक क्षमता 40 से 75 किलोमीटर तक है, जबकि नए गाइडेड वर्जन की रेंज 120 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है.

आधुनिक तकनीक से लैस

पिनाका सिस्टम जीपीएस और आईएनएस गाइडेंस तकनीक से लैस है, जिससे इसकी सटीकता काफी बढ़ गई है.

यह दुश्मन के बंकर, कमांड सेंटर और आर्टिलरी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है. इसकी खास ‘शूट एंड स्कूट’ क्षमता इसे और खतरनाक बनाती है, जिसमें हमला करने के तुरंत बाद यह अपनी लोकेशन बदल सकता है.

ड्रोन और ‘स्वार्म अटैक’ का भी जवाब

आधुनिक युद्ध में छोटे ड्रोन और कम लागत वाली मिसाइलें बड़ा खतरा बनकर उभरी हैं. पिनाका का अपग्रेडेड वर्जन ऐसे खतरों से निपटने में भी सक्षम माना जा रहा है.

एक पिनाका रेजिमेंट में 18 से 24 लॉन्चर होते हैं, जो कुछ ही मिनटों में सैकड़ों रॉकेट दाग सकते हैं. इससे दुश्मन के ड्रोन, लॉन्चर और कमांड सिस्टम को शुरुआती चरण में ही नष्ट किया जा सकता है.

इसकी लागत भी अपेक्षाकृत कम है, जिससे यह बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए प्रभावी हथियार बन जाता है.

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