Rain: मार्च का महीना आमतौर पर हल्के और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है. महीने की शुरुआत जहां तेज गर्मी से हुई, वहीं अब अचानक मौसम ने करवट ले ली है. देश के कई हिस्सों में काले बादल, तेज हवाएं, बारिश, गरज और ओलावृष्टि ने हालात बदल दिए हैं.
स्थिति ऐसी बन गई है कि लोगों को मार्च में ही रेनकोट और छाता निकालना पड़ रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 से 5 दिनों को बेहद अहम बताते हुए 15 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बड़ा वेदर सिस्टम बना वजह
मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव किसी सामान्य बारिश का नतीजा नहीं है. इसके पीछे एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का संयुक्त असर है.
इसी कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक एक साथ मौसम बिगड़ा हुआ है. वातावरण में नमी बढ़ने से बादल तेजी से बन रहे हैं और अचानक मौसम बदल रहा है. कई इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि कुछ जगहों पर यह रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
तापमान में गिरावट, लेकिन खतरा बढ़ा
बारिश और तेज हवाओं की वजह से तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है.
हालांकि, यह राहत जोखिम के साथ आ रही है. खासकर किसानों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलें खराब मौसम की चपेट में आ सकती हैं.
उत्तर भारत में असर
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम तेजी से बदल रहा है.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है.
दिल्ली-NCR का हाल
दिल्ली-एनसीआर में मौसम फिलहाल राहत देने वाला जरूर है, लेकिन पूरी तरह स्थिर नहीं है.
बारिश के कारण वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ है, लेकिन तेज हवाएं ट्रैफिक को प्रभावित कर सकती हैं.
उत्तर प्रदेश में अलर्ट
पूर्वांचल और तराई इलाकों जैसे गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया और बस्ती में बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा है.
लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा. किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है, क्योंकि गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है.
पहाड़ी राज्यों में खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम ज्यादा गंभीर बना हुआ है.
शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और चमोली जैसे क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं.
बिहार और पूर्वी भारत
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान
इन राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है.
राजस्थान में जयपुर, बीकानेर, जैसलमेर और जोधपुर में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है.
दक्षिण भारत में दोहरी स्थिति
दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर दिख रहा है.
पूर्वोत्तर में भारी खतरा
असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 मार्च से मौसम और खराब हो सकता है.
पश्चिम बंगाल में अलर्ट
पश्चिम बंगाल में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. कोलकाता समेत कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.
क्या है ‘मावठ’ और इसका असर?
मावठ उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान होने वाली खास बारिश होती है, जो पश्चिमी विक्षोभ के कारण होती है. यह आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच होती है और खेती के लिए फायदेमंद मानी जाती है.
इस बार मावठ के समय में बदलाव हुआ है, जिससे मौसम का पैटर्न भी बिगड़ गया है और इसका असर मार्च-अप्रैल तक देखने को मिल सकता है.
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