Rajnath Singh On Operation Sindoor: भारत अब केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से जवाब दे रहा है. आतंक के खिलाफ निर्णायक रवैया अपनाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को से पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है. भारतीय समुदाय से संवाद के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि उसके अगले चरण (पार्ट-2 और पार्ट-3) की पूरी संभावना मौजूद है.
उन्होंने कहा कि यह आगे की कार्रवाई पाकिस्तान के व्यवहार पर निर्भर करती है. अगर आतंकवाद को संरक्षण देने का सिलसिला जारी रहा, तो भारत फिर से सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.
भारत का बदला, 100 किलोमीटर अंदर घुसकर हमला
राजनाथ सिंह ने बताया कि 23 अप्रैल को जब आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष भारतीयों को धर्म पूछकर निशाना बनाया, तब भारत ने भी चुप नहीं बैठने का फैसला किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विचार-विमर्श के बाद, सेना को पूरी छूट दी गई. भारत ने बॉर्डर पर नहीं, बल्कि आतंकियों की धरती पर 100 किलोमीटर अंदर घुसकर ठिकानों को तबाह किया.
धर्म नहीं, कर्म का हिसाब लिया गया
रक्षा मंत्री ने भारत के दृष्टिकोण की एक बड़ी विशेषता पर जोर दिया, “हमने किसी का धर्म नहीं देखा, उनका कर्म देखा”. यह बात उन्होंने उस घटना के संदर्भ में कही, जिसमें आतंकियों ने पहले लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर उन्हें मार दिया. लेकिन भारत की जवाबी कार्रवाई पूरी तरह न्याय और नैतिकता पर आधारित थी.
‘PoK खुद कहेगा मैं भारत हूं’
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर भी बड़ी बात कही. उन्होंने दोहराया कि भारत को वहां हमला करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि वक्त खुद PoK को भारत की ओर मोड़ देगा. उन्होंने बताया कि वहां के लोग खुद भारत में शामिल होने की मांग कर रहे हैं, और यह दिन अब दूर नहीं.
अटल बिहारी वाजपेयी की सोच और आज की रणनीति
राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा, “दोस्त बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं.” इसलिए भारत ने पाकिस्तान के सीजफायर अनुरोध को मान लिया था, ताकि शांति का एक और मौका दिया जा सके. लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यह "विराम" स्थायी नहीं है, ऑपरेशन सिंदूर फिर से शुरू हो सकता है.
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