पुतिन की सेना भी फेल, युद्ध के मैदान में इस देश के सैनिकों की बोलती है तूती; रूस-यूक्रेन भी कांप उठते हैं

रूस ने कुर्स्क के अधिकतर हिस्सों पर फिर से कब्जा कर लिया है, और शिरियाएव का मानना है कि यह युद्ध केवल अस्थायी रूप से रुका हुआ है.

Putin army this country soldiers are on top even Russia and Ukraine tremble
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

रूस-यूक्रेन युद्ध के तीसरे साल में अब एक नया मोड़ आया है, जब उत्तर कोरिया ने इस संघर्ष में सीधे सैन्य रूप से भागीदारी की है. खबरों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपने सैनिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध में भेजा है, और यूक्रेनी अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि रूस ने पश्चिमी क्षेत्र कुर्स्क में उत्तर कोरियाई सैनिकों को तैनात किया है.

ट्रेनिंग भी बहुत बेहतर

यूक्रेन की एक असॉल्ट रेजिमेंट के कमांडर मेजर ओलेह शिरियाएव के अनुसार, उत्तर कोरियाई सैनिक लड़ाई में बिल्कुल भी पीछे नहीं हटते. उनके मुताबिक, ये सैनिक अपने घायल साथियों को कभी नहीं छोड़ते, और इनकी ट्रेनिंग भी बहुत बेहतर होती है. वे आधुनिक तकनीकों के खिलाफ भी मजबूती से खड़े रहते हैं. शिरियाएव का कहना है कि रूसी सैनिकों को युद्ध में जबरन भेजा जाता है, जबकि उत्तर कोरियाई सैनिक इसे अपनी वीरता मानते हुए लड़ते हैं.

हालांकि, शिरियाएव ने उत्तर कोरियाई सैनिकों की बहादुरी की सराहना की है, लेकिन उनका मानना है कि जो भी यूक्रेन के खिलाफ हथियार उठाता है, वह दुश्मन है और ऐसे दुश्मनों के लिए कोई दया नहीं हो सकती. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि यदि उत्तर कोरियाई सैनिक पकड़े जाते हैं, तो उनके परिवारों को कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें सार्वजनिक फांसी तक शामिल हो सकती है.

उत्तर कोरिया के सैनिकों को युद्ध में भारी नुकसान

इस बीच, रूस ने कुर्स्क के अधिकतर हिस्सों पर फिर से कब्जा कर लिया है, और शिरियाएव का मानना है कि यह युद्ध केवल अस्थायी रूप से रुका हुआ है. उनका कहना है कि रूस से कभी भी हमला हो सकता है, इसलिए यूक्रेन को अपने सभी क्षेत्रों, जैसे क्रीमिया और डोनबास, को वापस लेने की कोशिशें जारी रखनी चाहिए. शांति की उम्मीद से ज्यादा, उन्हें हमेशा चौकस रहना होगा, क्योंकि उनके अनुसार, रूस कभी भी अपने वादों का पालन नहीं करता.

दक्षिण कोरियाई मीडिया की खबरों के मुताबिक, लगभग 1,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को हाल ही में रूस भेजा गया है. यह तैनाती तब हुई है जब उत्तर कोरिया के सैनिकों को युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा है. जनवरी में पश्चिमी अधिकारियों ने बताया था कि पिछले तीन महीनों में रूस में तैनात 1,000 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं.

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