पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान इन दिनों ऐसे राजनीतिक तूफान से गुजर रहा है जिसने लोकतंत्र की बुनियाद तक हिला दी है. सत्ता का असली केंद्र किसके हाथ में है—यह सवाल अब खुलेआम पूछा जा रहा है. नाम मात्र की लोकतांत्रिक सरकार भले मौजूद हो, लेकिन हालात ने साफ कर दिया है कि फैसलों की बागडोर सैन्य प्रतिष्ठान के हाथ में है.
इसी टकराव की आग में अब सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. इमरान खान की रहस्यमयी खामोशी, जिनसे पिछले चार हफ्तों से किसी का संपर्क नहीं हो पाया है. यही वजह है कि देशभर में उनकी सेहत से लेकर मौत तक की अफवाहों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.
इमरान खान से कोई संपर्क नहीं, PTI में मचा हड़कंप
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से न तो पार्टी पदाधिकारी और न ही परिवार के लोग बात कर पा रहे हैं. यह असामान्य स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि PTI ने मंगलवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट और रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा कर दी. सरकार पहले ही सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा चुकी है और मुलाकातों की इजाजत नहीं दे रही है. ऐसे में उनके समर्थकों की चिंता और गहरा गई है. PTI नेताओं का कहना है कि सरकार और जेल प्रशासन पारदर्शी व्यवहार नहीं कर रहे और हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं.
PTI raising 'Azadi' slogans for Imran Khan outside Islamabad High Court pic.twitter.com/YSWOUBsQwz
— Shalinder Wangu (@Wangu_News18) December 2, 2025
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर उबाल, PTI नेताओं का जमकर हंगामा
इमरान खान की अनुपस्थिति और बंदिशों का विरोध करते हुए PTI नेता इस्लामाबाद हाईकोर्ट के सामने जुट गए हैं. वे पीएम शहबाज शरीफ, बिलावल भुट्टो और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. उनका कहना है कि वे "आजादी" और "न्याय" की मांग कर रहे हैं तथा पार्टी इमरान खान की वास्तविक स्थिति जानने तक पीछे नहीं हटेगी.
राजधानी में धारा 144, तीन दिनों तक कड़ी पाबंदियां
सरकार ने संभावित खतरे का हवाला देते हुए 1 से 3 दिसंबर तक इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी है. डिप्टी कमिश्नर हसन वकार चीमा के अनुसार, यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है. इधर PTI नेता असद कैसर का कहना है कि विपक्षी सांसद पहले IHC के बाहर एकत्र होंगे और फिर अदियाला जेल तक मार्च करेंगे. वे आरोप लगा रहे हैं कि अदालत के आदेश लागू नहीं किए जा रहे और जेल प्रशासन भी निर्देशों का पालन नहीं कर रहा.
इमरान खान तक पहुंच क्यों रोक दी गई?
पूरा विवाद पिछले सप्ताह तब भड़क गया जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री को लगातार आठवीं बार इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद उन्होंने जेल के बाहर ही धरना शुरू कर दिया.इमरान खान के परिवार को भी कई सप्ताह से मुलाकात की इजाजत नहीं मिली है. हालांकि अदियाला जेल प्रशासन ने दावा किया है कि इमरान खान जेल में सुरक्षित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं. उनका कहना है कि स्थानांतरण से जुड़ी खबरें फर्जी हैं और उन्हें पूरी चिकित्सकीय सुविधाएं दी जा रही हैं.
कब से जेल में बंद हैं इमरान खान?
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. उन पर भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक अनेक गंभीर आरोप दर्ज हैं. PTI लगातार मांग कर रही है कि सरकार उनकी स्थिति पर आधिकारिक बयान दे और परिवार को उनसे मिलने दिया जाए. उनकी बहनें लगातार आशंकाओं में हैं और इमरान खान की ताजा स्थिति जानना चाहती हैं.वहीं, पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और IPP प्रवक्ता फैयाज उल हसन चौहान ने कहा है कि वकीलों को आज उनसे मिलने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन उन्होंने इमरान के परिवार पर आरोप लगाकर नए विवाद को जन्म दे दिया है.
यह भी पढ़ें: Putin india Visit: कितनी टाइट होगी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा? दौरे से पहले भारत पहुंची 50 अफसरों की टीम