Putin india Visit: कितनी टाइट होगी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा? दौरे से पहले भारत पहुंची 50 अफसरों की टीम

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की उलटी गिनती शुरू होते ही राजधानी दिल्ली एक बार फिर अतुलनीय सुरक्षा कवच में लिपट चुकी है. 4 और 5 दिसंबर को होने वाले इस हाई-प्रोफाइल विज़िट को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी ऐसी है जैसे किसी मिशन-लेवल ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा हो.

    Putin Team Reached in india before his visit
    Image Source: ANI

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की उलटी गिनती शुरू होते ही राजधानी दिल्ली एक बार फिर अतुलनीय सुरक्षा कवच में लिपट चुकी है. 4 और 5 दिसंबर को होने वाले इस हाई-प्रोफाइल विज़िट को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी ऐसी है जैसे किसी मिशन-लेवल ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा हो. पिछली बार 2021 में पुतिन की दिल्ली यात्रा ने भी यही सुरक्षा सख्ती देखने को मजबूर किया था, लेकिन इस बार इंतज़ाम और भी कड़े, और भी हाई-टेक हैं.

    सूत्रों के अनुसार इस बार पुतिन के आगमन और मूवमेंट को ‘सीक्रेट कवर ऑपरेशन’ की तरह मैनेज किया जा रहा है. जैसे ही उनका स्पेशल विमान भारत की जमीन पर उतरेगा, सबसे बाहरी सुरक्षा परत एनएसजी कमांडो संभालेंगे. उसके बाद एसपीजी, एनएसजी, रॉ, आईबी दिल्ली पुलिस इनकी संयुक्त 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा पुतिन की हर गतिविधि पर नजर रखेगा. इनके पीछे अत्याधुनिक तकनीक भी तैनात रहेगी—ड्रोन जैमर, AI मॉनिटरिंग सिस्टम, एंटी-स्नाइपर यूनिट और रूट सैनिटाइजेशन टीम्स लगातार सक्रिय रहेंगी. 

    होटल की सुरक्षा—सैनिटाइज्ड ज़ोन, रूस की टीम के लिए अलग सिस्टम

    पुतिन जिस होटल में ठहरेंगे, उसकी सुरक्षा पहले ही विशेष स्तर पर सैनिटाइज कर दी गई है. यहां 24x7 मॉनिटरिंग, रूस की टीम के लिए स्पेशल सिक्योरिटी सिस्टम, हर फ्लोर का क्लियरेंस. इन सबका इंतज़ाम पहले से कर लिया गया है। रूस से आए 50 सुरक्षा अधिकारी भारत पहुंचकर उन जगहों का मॉक ड्रिल कर रहे हैं, जहां पुतिन का कार्यक्रम तय या संभावित है। केवल चुनिंदा भारतीय अधिकारी ही रूसी सुरक्षा टीम से डायरेक्ट संपर्क में रहेंगे.

    100 रूसी सिक्योरिटी ऑफिसर्स का सुरक्षा घेरा

    पुतिन के किसी भी विदेश दौरे की तरह इस बार भी करीब 100 रूसी सुरक्षा अधिकारी उनके साए की तरह साथ रहेंगे.इसके अलावा उनकी सुपर-सेफ कार Aurus Senat भी भारत लाई जा रही है. एक ऐसा वाहन जिसे आधुनिक हमलों से बचाने के लिए बनाया गया है और जिसे रूस के राष्ट्रपति का ‘मोबाइल फोर्ट्रेस’ कहा जाता है.


    खाने-पीने की सुरक्षा—पोर्टेबल लैब हमेशा साथ

    सबसे दिलचस्प सुरक्षा प्रोटोकॉल में शामिल है.पोर्टेबल लैब.यह मिनी लैब पुतिन के सफर का अहम हिस्सा होती है. उनके हर भोजन की जांच, सैंपलिंग, टॉक्सिसिटी टेस्ट,इन्हें इसी लैब में किया जाता है. लैब से ‘क्लियर’ की गई चीज़ें ही राष्ट्रपति की थाली तक पहुंचती हैं.

    पोर्टेबल टॉयलेट  सुरक्षा की एक और अनोखी परत

    पुतिन के साथ एक और विशेष प्रोटोकॉल भी चलता है पोर्टेबल टॉयलेट.यह सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे मजबूत सुरक्षा कारण हैं.दरअसल, किसी भी विदेशी धरती पर राष्ट्रपति के बॉडी वेस्ट का नमूना न छोड़ा जाए ये रूस की नेशनल सिक्योरिटी के सबसे सख्त नियमों में से एक है.कारण यह है कि मेडिकल वेस्ट से किसी भी व्यक्ति की सेहत, मेडिकल कंडीशन या दवाइयों तक की जानकारी निकाली जा सकती हैजो सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है. 

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