ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए खोला रास्ता, होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकले पुष्पक और परिमल टैंकर

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है.

Iran opens Strait of Hormuz for Indian ships Pushpak Parimal Tankers
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Strait Of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है. इसी के चलते भारत के दो तेल टैंकर पुष्पक और परिमल सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजर चुके हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संभव भारत और ईरान के बीच लगातार चल रही कूटनीतिक बातचीत के बाद हुआ है. बताया जा रहा है कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच युद्ध शुरू होने के बाद कम से कम तीन बार इस मुद्दे पर बातचीत हो चुकी है. मंगलवार को भी दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चर्चा हुई थी.

भारत के लिए अहम है हॉर्मुज जलडमरूमध्य

पश्चिम एशिया से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस भारत तक पहुंचाने के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. लेकिन अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी.

आईआरजीसी ने इस क्षेत्र पर सख्त निगरानी रखते हुए कई देशों के जहाजों के लिए रास्ता बंद कर दिया था. हालांकि पहले ही संकेत दिए गए थे कि भारत जैसे कुछ देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति मिल सकती है.

भारतीय टैंकर सुरक्षित निकले

अब खबर सामने आई है कि भारतीय तेल टैंकर पुष्पक और परिमल सुरक्षित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं. इससे यह साफ हो गया है कि ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए इस रास्ते को खोल दिया है, जबकि अमेरिका, इजरायल और कई यूरोपीय देशों के जहाजों पर अब भी प्रतिबंध जारी है.

खतरा अभी भी बरकरार

हालांकि क्षेत्र में खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. बुधवार को गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर आ रहे थाईलैंड के कार्गो जहाज मयूरी नारी पर हमला होने की खबर सामने आई है.

रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज को मिसाइल से निशाना बनाया गया. इस हमले में जहाज पर मौजूद 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया, लेकिन तीन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. भारत ने पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है.

युद्ध के बाद घटा जहाजों का आवागमन

ईरान पर हमले शुरू होने के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है. बताया जा रहा है कि यहां समुद्री ट्रैफिक में करीब 95 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है.

फिलहाल कुछ चुनिंदा देशों के जहाजों को ही यहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है.

कुछ अन्य देशों के जहाजों को भी अनुमति

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी नौसेना की निगरानी में कई अन्य देशों के जहाज भी इस रास्ते से गुजरे हैं. इनमें रूस से जुड़े टैंकर एचएच ग्लोरी, चीन के बल्क कैरियर जिन है वो और साइनो ओशन, कंटेनर जहाज रन चेन 2, ग्रीस से जुड़ा टैंकर शेनलॉन्ग और मेडागास्कर का एक जहाज भी शामिल है.

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