Solar Flares: अंतरिक्ष हमेशा शांत नहीं होता. कई बार वहां होने वाली गतिविधियां सीधे धरती की धड़कनें तेज कर देती हैं. इन दिनों सूरज के भीतर चल रही एक असामान्य हलचल ने वैज्ञानिकों की नींद उड़ा दी है. लगातार निकल रही शक्तिशाली सौर ज्वालाओं और सौर तूफानों को लेकर दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. भारत की इसरो से लेकर अमेरिका की नासा तक ने संभावित खतरों को देखते हुए चेतावनी जारी की है और हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.
फरवरी की शुरुआत से सक्रिय हुआ सौर तूफान
वैज्ञानिकों के मुताबिक 1 फरवरी से सूरज पर लगातार तीव्र गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं. एक के बाद एक शक्तिशाली सौर तूफान सामने आए हैं, जिनकी तीव्रता सामान्य से कहीं अधिक बताई जा रही है. इन तूफानों के कारण अंतरिक्ष में ऊर्जा का असंतुलन पैदा हुआ है, जिसका असर पृथ्वी के वातावरण तक महसूस किया जा सकता है. यही वजह है कि विशेषज्ञ रेडियो ब्लैकआउट और पावर ग्रिड फेल जैसी स्थितियों की आशंका जता रहे हैं.
क्या होता है सौर तूफान?
सौर तूफान दरअसल सूरज के भीतर होने वाले विशाल विस्फोटों का नतीजा होते हैं. इन विस्फोटों से सौर फ्लेयर्स निकलते हैं, जिनमें बेहद शक्तिशाली चुंबकीय ऊर्जा होती है. यह ऊर्जा सौरमंडल में फैलती हुई आगे बढ़ती है. जब ये सौर तूफान पृथ्वी के वायुमंडल से टकराते हैं, तो वातावरण में हलचल मच जाती है. इस दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन निकलता है, जो कुछ ही समय में धरती तक पहुंच जाता है.
धरती पर इंसानों के लिए कितना खतरनाक?
सौर तूफान सीधे तौर पर धरती पर मौजूद इंसानों के लिए जानलेवा नहीं होते, लेकिन तकनीक पर इनका असर गंभीर हो सकता है. ये तूफान आयनोस्फीयर को प्रभावित करते हैं, जिससे हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो कम्युनिकेशन बाधित हो सकता है. नेविगेशन सिस्टम, जीपीएस सिग्नल और सैटेलाइट ऑपरेशन में रुकावटें आने का खतरा रहता है. यही कारण है कि इसरो अपने 50 से अधिक सक्रिय उपग्रहों की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सके.
2026 का सबसे शक्तिशाली सौर तूफान
नासा के स्पेस अलर्ट के अनुसार इस साल का सबसे शक्तिशाली सौर तूफान 1 फरवरी से सक्रिय हुआ था. नासा ने पुष्टि की है कि यह तूफान 4 फरवरी को सुबह 7.13 बजे अमेरिकी समय के अनुसार अपने चरम पर पहुंचा. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना अक्टूबर 2024 के बाद सबसे चमकदार और ताकतवर सौर तूफान रही है. इतना ही नहीं, इसे 1996 के बाद रिकॉर्ड किए गए 20 सबसे शक्तिशाली सौर तूफानों में भी शामिल किया गया है.
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