Explosion in Meghalaya: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. अवैध कोयला खनन के दौरान हुए हादसे में कम से कम 10 मजदूरों की मौत की सूचना है. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है, जबकि प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी हैं.
पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक विशेष टीम को घटनास्थल पर रवाना किया है. पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है. कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में मृत मजदूरों के असम के होने की बात कही जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
मौके पर SDRF और फायर सर्विस
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेज दिया गया है. राहत और बचाव कार्य जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जिस पहाड़ी पर अवैध खनन हो रहा था, वह विस्फोट के बाद आंशिक रूप से ढह गई है, जिससे मलबे में और मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि हालात अभी पूरी तरह साफ नहीं हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. घटनास्थल से मिल रही जानकारी के अनुसार कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है. फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मृतकों की पहचान और हादसे की असली वजह को लेकर जांच की जा रही है.
बार-बार हो रहे हादसे
यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है, जब मेघालय में अवैध कोयला खनन को लेकर पहले से ही सख्त निर्देश और न्यायिक निगरानी लागू है. इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो सिस्टम की नाकामी पर सवाल खड़े करती हैं.
गौरतलब है कि इसी महीने 17 जनवरी को भी अवैध खनन से जुड़ा एक मामला सामने आया था, जिसमें असम के होजाई जिले के रहने वाले मोसैद अली की मौत हुई थी. यह मामला 14 जनवरी को सुतंगा क्षेत्र के उमथे इलाके में हुए अवैध खनन से जुड़ा बताया गया था, जिसकी जानकारी न्यायिक समीक्षा समिति की बैठक में सामने आई थी.
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