पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम को इंग्लैंड में अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा. पोर्ट्समाउथ शहर में कुछ स्थानीय लोगों ने टीम के खिलाड़ियों और स्टाफ को शरणार्थी या घुसपैठिया समझ लिया. इसके बाद करीब 40 लोग होटल के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे. हालांकि, जब उन्हें बताया गया कि होटल में ठहरे लोग शरणार्थी नहीं, बल्कि पाकिस्तान अंडर-19 टीम के खिलाड़ी और स्टाफ हैं, तो मामला शांत हो गया.
होटल के बाहर जमा लोगों के चेहरे ढंके हुए थे. उनका कहना था कि उन्होंने कुछ लोगों के एक ग्रुप को होटल के अंदर जाते देखा है और उन्हें शक है कि ये शरणार्थी हो सकते हैं. इसके बाद इलाके के काउंसलर को मौके पर बुलाया गया. काउंसलर ने होटल मैनेजर से बात की तो उन्होंने बताया कि वहां पाकिस्तान की अंडर-19 टीम ठहरी हुई है. टीम इंग्लैंड के दौरे पर है और मैरियट होटल को अपना बेस बनाया है.
काउंसलर ने टीम के कोच से भी बात की और उन्हें ऐसे सबूत दिखाए गए, जिनसे साफ हुआ कि होटल में ठहरे लोग क्रिकेटर हैं. काउंसलर ने इस घटना पर खेद जताया. उन्होंने बताया कि गलतफहमी दूर होने के कुछ मिनट बाद ही प्रदर्शनकारी वहां से चले गए.
क्यों हुई गलतफहमी?
काउंसलर के मुताबिक, पाकिस्तान की टीम जिस कंपनी की गाड़ियों से आने-जाने का काम कर रही थी, वही कंपनी कुछ दिन पहले पोर्ट्समाउथ में नाव के जरिए शरणार्थियों को लेकर आई थी. इसी वजह से स्थानीय लोगों को लगा कि होटल में पहुंचे लोग भी शरणार्थी हैं. लोगों ने समझा कि शरणार्थियों का एक और ग्रुप शहर में आया है और इसी के विरोध में वे होटल के बाहर जमा हो गए.
पोर्ट्समाउथ में शरणार्थियों को लेकर तनाव
पोर्ट्समाउथ में शरणार्थियों को लेकर पहले से तनाव का माहौल है. हाल ही में फ्रांस से कुछ शरणार्थी नाव के जरिए इंग्लैंड के पोर्ट्समाउथ पहुंचे थे. इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
वहीं, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बात की है. अब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड बाकी दौरे के दौरान टीम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है.
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