Red Fort Car Blast: लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में NIA ने बड़ा दावा किया है. एजेंसी के मुताबिक, धमाके में मारे गए उमर उन नबी ने एक निष्क्रिय आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने में अहम भूमिका निभाई थी. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में NIA ने उसे कथित तौर पर इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड और ऑपरेशन संभालने वाला मुख्य व्यक्ति बताया है.
चार्जशीट के अनुसार, उमर उन नबी 2022 की शुरुआत से ही अंसार गज़वत-उल-हिंद (AGuH) के निष्क्रिय नेटवर्क को फिर से खड़ा करने में लगा था. एजेंसी का आरोप है कि वह जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में नेटवर्क तैयार कर रहा था और आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा था.
फंडिंग से लेकर हथियारों तक नबी पर आरोप
NIA के मुताबिक, उमर उन नबी लॉजिस्टिक्स, गुप्त बैठकों और कथित ट्रेनिंग की व्यवस्था में शामिल था. एजेंसी का दावा है कि वह नए लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और हिंसक गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश भी कर रहा था. जांच के दौरान उसके पास से चरमपंथी दस्तावेज और साहित्य मिलने की बात भी चार्जशीट में कही गई है.
चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि नबी ने फंड जुटाने, हथियारों की व्यवस्था करने और मॉड्यूल से जुड़े लोगों के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशने में भी भूमिका निभाई. एजेंसी के अनुसार, मॉड्यूल के सदस्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे.
DNA जांच से हुई उमर उन नबी की पहचान
NIA के अनुसार, 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ था. एजेंसी का दावा है कि इस कार का इस्तेमाल व्हीकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) के तौर पर किया गया था. धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 29 लोग घायल हुए थे.
फॉरेंसिक जांच के दौरान घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच की गई, जिसके आधार पर नबी की पहचान होने का दावा NIA ने किया है. धमाके में उसकी मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई बंद कर दी गई है.
ये भी पढ़ें- हूतियों पर हमले की तैयारी में पाकिस्तान, ईरान को दी चेतावनी, मिडिल ईस्ट में छिड़ेगी नई जंग?