BRICS समिट से पहले बड़ा अपडेट, कन्फर्म हुआ शी जिनपिंग का भारत दौरा, पीएम मोदी से होगी मुलाकात

दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट होने जा रहा है. इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आएंगे या नहीं, इसे लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है.

BRICS summit Xi Jinpings visit to India confirmed will meet PM Modi
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XI Jinping India Visit: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट होने जा रहा है. इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आएंगे या नहीं, इसे लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है. शी जिनपिंग 2026 ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच शनिवार को द्विपक्षीय बैठक होगी. दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और चीन के रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं. चीन का विदेश मंत्रालय भारतीय समय के अनुसार आज सुबह 10 बजे इसकी आधिकारिक घोषणा करेगा.

शी जिनपिंग का भारत दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि वह आखिरी बार 2019 में भारत आए थे. गलवान हिंसा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आया था. हालांकि, पिछले कुछ समय में भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के संकेत मिले हैं. दोनों देशों ने सीमा से जुड़े मुद्दों के बीच बातचीत और आपसी संपर्क बढ़ाने की कोशिश की है. ऐसे में मोदी और जिनपिंग की बैठक से दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई दिशा सामने आ सकती है.

BRICS बैठक में शामिल होंगे शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचेंगे. भारत इस बार शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. ब्रिक्स दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. इसके प्रमुख सदस्यों में भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. पिछले कुछ वर्षों में इस समूह का विस्तार भी हुआ है.

बैठक के दौरान मोदी और जिनपिंग भारत-चीन संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर बात कर सकते हैं. इनमें सीमा पर शांति और स्थिरता, व्यापार, निवेश और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषय शामिल हैं. भारत लगातार कहता रहा है कि रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति जरूरी है. चीन भी भारत के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए बातचीत करता रहा है.

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का शेड्यूल

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा. भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखी गई है. दो दिन चलने वाली इस बैठक में ब्रिक्स देशों के नेताओं के अलावा साझेदार और आमंत्रित देशों के शीर्ष नेता भी शामिल होंगे. भारत की अध्यक्षता के दौरान 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं.

शनिवार को क्या होगा?

12 सितंबर यानी शनिवार को ब्रिक्स देशों के नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे. इसके बाद दोपहर करीब 2:35 बजे ‘इंक्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस एंड स्ट्रेंथनिंग मल्टीलेटरलिज्म’ विषय पर बंद सत्र होगा.

शाम 4:25 बजे ब्रिक्स नेताओं को ‘भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन’ दिखाया जाएगा. इसके बाद शाम 5:05 बजे फैमिली फोटो और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा. दिन का अंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर के साथ होगा. यह डिनर शाम 7:30 बजे भारत मंडपम के लेवल-3 पर होगा.

13 सितंबर को क्या-क्या होगा?

रविवार यानी 13 सितंबर को सुबह 9:55 बजे साझेदार देशों और ‘आउटरीच प्रोग्राम’ में शामिल अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों का भारत मंडपम पहुंचने का कार्यक्रम है. सुबह 10:35 बजे फैमिली फोटो होगी.

इसके बाद सुबह 10:50 बजे सम्मेलन का अहम ओपन सेशन शुरू होगा. इसका विषय ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ होगा. इस सत्र में ब्रिक्स देशों के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता वैश्विक विकास, आर्थिक सहयोग और आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे.

क्यों अहम है 2026 का ब्रिक्स समिट?

2026 का ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि इस साल समूह की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं. भारत चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, बहुपक्षवाद को मजबूत करने, व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है.