विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति की तारीफ की है. उन्होंने खास तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम के लिए भारत की कोशिशों की सराहना की.
टेड्रोस ने एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में आयोजित डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव और डब्ल्यूएचओ के साथ चल रहे सहयोग पर चर्चा की.
गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टेड्रोस ने लिखा कि उन्होंने भारत के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और देश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रगति के लिए उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में भारत ने खास उपलब्धियां हासिल की हैं.
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की तारीफ
टेड्रोस ने ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ पहल की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इसके जरिए लोगों को उनके घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी जांच की सुविधा मिल रही है.
टेड्रोस के मुताबिक, देशभर में करीब 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और आम कैंसर की जांच लोगों के करीब पहुंचाई जा रही है. जिन मरीजों को आगे इलाज की जरूरत होती है, उनके लिए रेफरल की सुविधा भी उपलब्ध है.
आशा कार्यकर्ताओं के नेटवर्क की सराहना
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने भारत में काम कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं के बड़े नेटवर्क की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. खासकर महिलाओं, माताओं और बच्चों को अलग-अलग चरणों में इनसे मदद मिलती है.
टेड्रोस ने कहा कि भारत की आशा कार्यकर्ता इस बात का अच्छा उदाहरण हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के समुदाय तक कैसे पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि टीकाकरण का दायरा बढ़ने और अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसव की दर 78 से बढ़कर 93 प्रतिशत होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ है.
टीबी उन्मूलन पर भी हुई चर्चा
बैठक में टेड्रोस और जेपी नड्डा ने भारत के टीबी उन्मूलन अभियान पर भी बात की. भारत व्यापक जांच, बीमारी की बेहतर पहचान, इलाज और जनस्वास्थ्य से जुड़े कदमों के जरिए टीबी के खिलाफ अपनी कोशिशें तेज कर रहा है.
दोनों नेताओं ने चिकित्सा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए उनके नियमन को और मजबूत करने पर भी चर्चा की. इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ के साथ वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भारत के सहयोग की भी समीक्षा की गई.
टेड्रोस ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों में भारत की भूमिका और डब्ल्यूएचओ को दिए जा रहे उसके सहयोग की भी सराहना की. इसमें पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के साथ डब्ल्यूएचओ महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग सिस्टम को लेकर चल रही बातचीत भी शामिल है.
टेड्रोस और नड्डा की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों के स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि दिली में डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र में शामिल होने पहुंचे हैं. बैठक में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रगति, प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में उसकी भूमिका प्रमुख मुद्दों में शामिल रही.
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