BRICS Summit 2026: देश की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने जा रहा है. दो दिन चलने वाले इस सम्मेलन में 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे. रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देशों के प्रमुखों के भी पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. खासतौर पर भारत मंडपम और 11 बड़े होटलों को सुरक्षा के घेरे में रखा गया है. इन्हीं होटलों में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था है.
विदेशी मेहमानों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख रूट की पहचान की है. इनमें से 22 रास्तों पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. सेंट्रल दिल्ली और लुटियंस दिल्ली में दो दिनों तक काफी पाबंदियां रहेंगी. ब्रिक्स समिट की सुरक्षा में करीब 25 हजार जवान तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा 100 से ज्यादा NSG कमांडो और करीब 30 DCP रैंक के अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे.
ब्रिक्स समिट में चीन और रूस के राष्ट्रपति भी शामिल होने आ रहे हैं. इसे देखते हुए नई दिल्ली में 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की योजना है. संवेदनशील जगहों पर 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात किए जाएंगे. भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में खास सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे.
सुरक्षा के खास इंतजाम
करीब 30 DCP रैंक के अधिकारियों को भारत मंडपम से लेकर विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों तक तैनात किया गया है. भारत मंडपम में राष्ट्राध्यक्षों की बैठकें होंगी, जबकि विदेशी मेहमान और अन्य बड़े अधिकारी अलग-अलग होटलों में ठहरेंगे. भारत मंडपम और उसके आसपास कम से कम 10 DCP की तैनाती की गई है.
भारत मंडपम और होटलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी 100 से ज्यादा NSG कमांडो और दिल्ली पुलिस के SWAT जवानों को दी गई है. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, एयरपोर्ट से होटल और आयोजन स्थल तक मेहमानों के काफिले की आवाजाही का कई बार अभ्यास किया जा चुका है. किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पिछले 10 दिनों में आयोजन स्थल और होटलों में NSG की निगरानी में करीब पांच बार मॉक ड्रिल भी हुई है.
एक सूत्र के मुताबिक, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भारत मंडपम आने-जाने वाले विदेशी मेहमानों के काफिलों के लिए रूट भी तय कर दिए हैं. स्थानीय पुलिस के अलावा करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मी पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए तैनात रहेंगे. CRPF, ITBP, BSF और RAF समेत अर्धसैनिक बलों के 10 हजार से ज्यादा जवानों को जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनाती के लिए तैयार रखा जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी मेहमानों के काफिलों पर नजर रखने के लिए भारत मंडपम और दिल्ली पुलिस मुख्यालय में दो कमांड रूम भी बनाए गए हैं.
कोर्ट-ऑफिस बंद, ट्रैफिक पर भी पाबंदियां
शनिवार और रविवार को लुटियंस दिल्ली की ओर जाने वाली कई सड़कें बड़े स्तर पर बंद रहेंगी. इन जगहों पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि बिना अनुमति आवाजाही को रोका जा सके. केंद्रीय दिल्ली और लुटियंस दिल्ली में BNSS की धारा 163 पहले ही लागू है. शनिवार और रविवार को इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा.
सरकार ने शुक्रवार और शनिवार को छुट्टी घोषित की है. अदालतें भी बंद रहेंगी. हालांकि, कनॉट प्लेस और चांदनी चौक जैसे प्रमुख बाजार खुले रहेंगे. महत्वपूर्ण स्मारक भी खुले रहेंगे, क्योंकि विदेशी मेहमान या उनके परिवार के सदस्य इन जगहों पर जा सकते हैं. उनकी सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस टीमों की तैनाती की जाएगी.
ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 ऐसे रूट की पहचान की है, जिन पर ब्रिक्स समिट के कार्यक्रमों के दौरान असर पड़ सकता है. इन रास्तों पर CCTV से निगरानी की जा रही है और अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. ट्रैफिक पुलिस ने 22 रूट पर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
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