नहीं सुधरेगा ये पाकिस्तान! बांग्लादेश को बनाया आतंकियों का नया लॉन्चपैड, हाफिज सईद के करीबी ने किया खुलासा

Bangladesh Terror Base: दक्षिण एशिया में आतंक की हवा एक बार फिर तेज़ होती दिख रही है. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर सैफुल्लाह सैफ के हालिया बयान ने भारत समेत पूरे क्षेत्र की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है.

Pakistan will not improve Now Bangladesh has become the new launchpad for terrorists Hafiz Saeed
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Bangladesh Terror Base: दक्षिण एशिया में आतंक की हवा एक बार फिर तेज़ होती दिख रही है. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर सैफुल्लाह सैफ के हालिया बयान ने भारत समेत पूरे क्षेत्र की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. सैफुल्लाह ने दावा किया है कि लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद का एक करीबी सहयोगी इस वक्त बांग्लादेश में सक्रिय है और भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है.

यह बयान पाकिस्तान के खैरपुर तमियावाली में आयोजित एक सभा के दौरान आया, जहां सैफुल्लाह ने खुले मंच से भीड़ को “जिहाद” के लिए उकसाया. उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह भारत के खिलाफ हिंसा का खुला समर्थन करते नज़र आ रहे हैं.

भारत के खिलाफ नई रणनीति का इशारा

वीडियो में सैफुल्लाह यह कहते सुना गया कि हाफिज सईद के एक नज़दीकी सहयोगी ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में एक नया नेटवर्क खड़ा कर लिया है, जो भारत में आतंक फैलाने की रणनीति पर काम कर रहा है. यह पहली बार है जब किसी लश्कर कमांडर ने इस तरह की बात सार्वजनिक मंच से कही है, जो इस बात का संकेत है कि संगठन अपनी रणनीति को नए भौगोलिक इलाकों में फैला रहा है.

भारतीय एजेंसियाँ हुईं सतर्क

भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने इस बयान को बेहद गंभीरता से लिया है. सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश सीमा से लगते इलाकों में निगरानी और इंटेलिजेंस ऑपरेशन को और मज़बूत किया जा रहा है. एजेंसियों का मानना है कि आतंकी संगठन अब सीमा पार घुसपैठ के नए रास्ते खोजने की कोशिश में हैं.

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान-अफगान क्षेत्र में बढ़ते दबाव के कारण आतंकी संगठनों ने अपनी गतिविधियाँ दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों, ख़ासकर बांग्लादेश जैसे देशों की ओर मोड़ दी हैं. यह बदलाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा ख़तरा साबित हो सकता है.

‘जिहादी भर्ती’ का नया तरीका

विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे उकसाऊ बयान महज़ नफरत फैलाने के लिए नहीं दिए जाते, बल्कि ये आतंकी भर्ती अभियानों का हिस्सा होते हैं. सोशल मीडिया और धार्मिक सभाओं के ज़रिए युवाओं को प्रभावित करने, उन्हें "जिहाद" के नाम पर भटकाने और समर्थन जुटाने की रणनीति लंबे समय से अपनाई जा रही है.

भारत की रणनीतिक सतर्कता

हालांकि भारत की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर उच्च सतर्कता मोड सक्रिय कर दिया गया है. जानकारों के मुताबिक़ यह बयान भारत के खिलाफ एक सूचनात्मक युद्ध (information warfare) का हिस्सा भी हो सकता है, जिसका उद्देश्य अस्थिरता और भय का माहौल पैदा करना है.

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