OPERATION SINDOOR: भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए सैन्य तनाव और भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक साल पूरा हो चुका है. 7 मई 2026 को इस ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ के मौके पर भारत की ओर से सैन्य अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे अभियान और उससे जुड़े अनुभवों पर विस्तार से जानकारी दी. भारतीय सेना की इस ब्रीफिंग के कुछ ही समय बाद पाकिस्तान की सेना ने भी अपनी प्रेस मीट आयोजित की, जिसे ‘मरका-ए-हक’ नाम दिया गया. हालांकि पाकिस्तान की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग इसे लेकर मजाक उड़ाने लगे.
दरअसल, पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी भारतीय अधिकारियों की प्रेस ब्रीफिंग पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा सवाल उठा दिया, जिस पर इंटरनेट यूजर्स ने उन्हें घेर लिया. पाकिस्तानी प्रवक्ता ने सवाल किया कि भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी और डीजीएमओ अंग्रेजी भाषा में मीडिया को संबोधित क्यों कर रहे थे. उन्होंने कहा कि क्या भारत दुनिया को यह बताना चाहता था कि उस दौरान क्या हुआ था.
🇵🇰 DG ISPR Lt Gen Ahmed Sharif Chaudhry on India’s military briefing:
— Your Views Your News (@urviewsurnews) May 8, 2026
Why are they speaking English?
Briefing was led by DGMO Lt Gen Rajiv Ghai & Air Marshal AK Bharti on #OperationSindoor
DG ISPR doesn't know English, but Indian officers were briefing world#اد_ال #Pakistán pic.twitter.com/OKpvSwhVGj
अंग्रेजी भाषा को लेकर दिया बयान
पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “कुछ देर पहले भारतीय डीजीएमओ और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग की. सबसे पहले तो वे अंग्रेजी में क्यों बोल रहे थे? क्या इसलिए कि आप दुनिया को बताना चाहते हैं कि क्या हुआ था?”
उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. बड़ी संख्या में लोगों ने इस बयान को पाकिस्तान की बौखलाहट बताया. कई यूजर्स ने कहा कि पाकिस्तान असली मुद्दों पर बात करने के बजाय भाषा पर सवाल उठा रहा है.
सोशल मीडिया पर जमकर हुई आलोचना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता की जमकर आलोचना की. यूजर्स का कहना था कि भारत ने आतंकवाद विरोधी अभियान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की, लेकिन पाकिस्तान उन बातों का जवाब देने के बजाय इस बात पर अटक गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस अंग्रेजी में क्यों हुई.
एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तानी अधिकारी को असली परेशानी इस बात से है कि भारतीय अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोले. उन्हें ऑपरेशन या सुरक्षा हालात से ज्यादा भाषा की चिंता है.” वहीं दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पक्ष रखा और पाकिस्तान उसी बात से परेशान हो गया.”
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारतीय सेना ने अंग्रेजी का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक अपनी बात सीधे पहुंचाई जा सके. वहीं पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ने यह दिखा दिया कि वह इस मुद्दे पर असहज महसूस कर रहा है.
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर बढ़ी चर्चा
ऑपरेशन सिंदूर पिछले साल भारत द्वारा पाकिस्तान में चलाया गया एक बड़ा सैन्य अभियान माना गया था. इसकी पहली वर्षगांठ पर दोनों देशों में इसे लेकर चर्चाएं तेज रहीं. भारत की तरफ से जहां सैन्य अधिकारियों ने अभियान की रणनीति और उपलब्धियों पर जोर दिया, वहीं पाकिस्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस अलग वजहों से सुर्खियों में आ गई.
इंटरनेट पर बने मीम्स और वायरल प्रतिक्रियाएं
पाकिस्तानी सेना के बयान के बाद इंटरनेट पर मीम्स और मजाकिया प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने लिखा कि पाकिस्तान के पास ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ठोस जवाब नहीं था, इसलिए उसने भाषा को मुद्दा बना दिया. कुछ लोगों ने इसे “डायवर्जन पॉलिटिक्स” बताया, जबकि कई ने कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय पहुंच पाकिस्तान को असहज कर रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल प्रतिक्रियाओं से साफ दिखा कि लोगों ने इस बयान को गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश के तौर पर देखा. यही वजह रही कि पाकिस्तान की प्रेस मीटिंग चर्चा से ज्यादा ट्रोलिंग का कारण बन गई.
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