Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है. भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाई को एक साल पूरा होने के मौके पर पाकिस्तान की सेना ने भारत को लेकर तीखे बयान दिए हैं. पाकिस्तान की सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने दावा किया है कि पाकिस्तान की वायुसेना भविष्य की किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब “और ज्यादा ताकत तथा सटीकता” से दिया जाएगा.
पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत में ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर सेना की कार्रवाई और आतंकवाद के खिलाफ अपनाई गई रणनीति को लेकर चर्चा हो रही है. पिछले साल भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए थे.
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला कर दिया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था और केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया.
इसी के बाद 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. भारतीय वायुसेना ने सटीक हवाई हमले करते हुए आतंकवादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया.
भारत की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी सैन्य गतिविधियां शुरू हुईं, जिससे दोनों देशों के बीच करीब 88 घंटे तक तनावपूर्ण सैन्य टकराव चला. बाद में 10 मई को दोनों पक्षों के बीच संघर्ष रोकने पर सहमति बनी और हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए.
पाकिस्तान ने ‘मरका-ए-हक’ नाम दिया
पाकिस्तान ने उस सैन्य टकराव को “मरका-ए-हक” यानी “सच्चाई की लड़ाई” का नाम दिया था. ऑपरेशन की पहली बरसी पर ISPR ने एक बयान जारी कर इसे पाकिस्तान के सैन्य इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया.
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उस संघर्ष ने देश के आत्मविश्वास को मजबूत किया और पाकिस्तान एयर फोर्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का अनुभव दिया.
ISPR ने क्या कहा?
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ISPR ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान की वायुसेना लगातार खुद को आधुनिक और भविष्य केंद्रित ताकत के रूप में विकसित कर रही है. बयान के अनुसार पाकिस्तान की सेना देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
ISPR ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी “दुश्मनाना साजिश” का जवाब पहले से कहीं अधिक ताकत, सटीकता और दृढ़ता से दिया जाएगा. बयान में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान की सैन्य तैयारी भविष्य के युद्धक्षेत्र को ध्यान में रखकर की जा रही है.
भारत के खिलाफ फिर दिखाई आक्रामकता
ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पाकिस्तान के बयान को भारत के खिलाफ एक नई चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले एक साल में पाकिस्तान की ओर से कई बार इस सैन्य संघर्ष का जिक्र किया गया है और भारत की कार्रवाई को लेकर आक्रामक बयान दिए गए हैं.
हालांकि भारत की ओर से लगातार यह कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य केवल आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करना था और भारत अपनी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा.
खुद को बताया शांतिप्रिय देश
दिलचस्प बात यह रही कि ISPR ने अपने बयान में पाकिस्तान को “शांतिप्रिय देश” भी बताया. बयान में कहा गया कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन उसकी संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
पाकिस्तानी सेना ने यह भी कहा कि देश की सैन्य ताकत अब पहले से अधिक केंद्रित और तैयार है तथा किसी भी संभावित खतरे का निर्णायक जवाब देने की क्षमता रखती है.
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को लेकर सवालों के घेरे में रहा है. कई वैश्विक रिपोर्ट्स और मंचों पर पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा क्यों जारी है?
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बड़ी सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जाता है. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने आधुनिक हथियारों, मिसाइलों और एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया था. भारत ने दावा किया था कि कार्रवाई पूरी तरह सटीक थी और केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया.
ऑपरेशन के दौरान राफेल लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन तकनीक और एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका भी चर्चा में रही थी. भारत ने इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक संदेश बताया था.
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