भारत की पश्चिमी समुद्री सीमा से जुड़े सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान अपनी सैन्य तैयारियों को तेजी से बढ़ा रहा है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान इस क्षेत्र में अपनी नौसेना और रक्षा ढांचे को मजबूत करने में जुटा है. इसके लिए उसे चीन और तुर्की से आधुनिक सैन्य तकनीक और हथियारों का सहयोग मिल रहा है.
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने सर क्रीक के आसपास ड्रोन, होवरक्राफ्ट, तेज रफ्तार गश्ती नौकाएं और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं. इन गतिविधियों पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर खुद नजर रख रहे हैं.
'अबाबील' प्रोजेक्ट के तहत बढ़ाई जा रही ताकत
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान 'अबाबील' नाम के सैन्य प्रोजेक्ट के तहत सर क्रीक इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. इस योजना में पाकिस्तान नौसेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG-N) कमांडो की भी तैनाती की गई है. यह विशेष कमांडो यूनिट समुद्र, हवा और जमीन पर कठिन सैन्य अभियान चलाने के लिए प्रशिक्षित होती है. पाकिस्तान का उद्देश्य इस इलाके में अपनी निगरानी और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है.
ड्रोन, होवरक्राफ्ट और एयर डिफेंस सिस्टम पर जोर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने तुर्की के आधुनिक ड्रोन और चीन के होवरक्राफ्ट को सर क्रीक इलाके में तैनात किया है. इसके अलावा तेज रफ्तार गश्ती नौकाएं, रॉकेट सिस्टम और नए एयर डिफेंस सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं. इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर हमले के लिए भी किया जा सकता है. वहीं एयर डिफेंस सिस्टम का मकसद इस पूरे इलाके को हवाई हमलों से सुरक्षित रखना बताया जा रहा है.
चीन और तुर्की दे रहे हैं तकनीकी सहयोग
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी सेना को आधुनिक बनाने के लिए चीन और तुर्की के साथ लगातार काम कर रहा है. दोनों देश पाकिस्तान को नई सैन्य तकनीक, आधुनिक हथियार और रक्षा उपकरण उपलब्ध करा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसी सहयोग की मदद से पाकिस्तान अपनी समुद्री और हवाई ताकत को तेजी से बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
नौसेना को मिल रही नई ताकत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने पाकिस्तान को पहली हैंगोर श्रेणी की पनडुब्बी सौंप दी है. इसके अलावा पाकिस्तान अपनी नौसेना में नए युद्धपोत और आधुनिक फ्रिगेट भी शामिल कर रहा है. इन संसाधनों के जरिए वह अरब सागर में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है और समुद्र में लंबे समय तक ऑपरेशन चलाने की क्षमता बढ़ा रहा है.
सर क्रीक के पास बढ़ाई गई निगरानी
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने सर क्रीक के पास बांधा धोरा और हरामी धोरो जैसे इलाकों में नई समुद्री चौकियां बनाई हैं. यहां गश्त के लिए तेज रफ्तार नौकाएं, होवरक्राफ्ट, मरीन असॉल्ट क्राफ्ट और अन्य नौसैनिक संसाधन तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही समुद्र में निगरानी और गश्त भी पहले के मुकाबले बढ़ा दी गई है.
असीम मुनीर खुद कर रहे निगरानी
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर इस पूरे सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम की सीधे निगरानी कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए नई रणनीति पर भी काम किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित चुनौती का मिलकर सामना किया जा सके.
क्या है सर क्रीक विवाद?
सर क्रीक गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित करीब 96 किलोमीटर लंबी ज्वारीय खाड़ी है. कई दशकों से दोनों देशों के बीच इस इलाके को लेकर सीमा विवाद बना हुआ है. पाकिस्तान 1914 के एक पुराने समझौते के आधार पर पूरे सर क्रीक पर अपना दावा करता है, जबकि भारत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार समुद्री सीमा जलमार्ग के बीच से तय होनी चाहिए. इसी वजह से यह इलाका आज भी भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे संवेदनशील समुद्री सीमाओं में गिना जाता है.
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