Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सकारात्मक माहौल के बीच कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती घंटों में निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई दिया, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले. बीएसई सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 200 अंकों से अधिक की छलांग लगाई, जबकि एनएसई निफ्टी 24,600 के अहम स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया. वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार की धारणा को मजबूती दी.
बढ़त के साथ खुले प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 78,780 अंक के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,640 अंक के करीब कारोबार करता दिखा. शुरुआती सत्र में बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा और निवेशकों ने विभिन्न सेक्टरों में सक्रियता दिखाई. आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और मेटल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जिससे व्यापक बाजार में भी मजबूती का संकेत मिला.
इन वजहों से बाजार में लौटी तेजी
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मानी जा रही है. ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी से भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया. इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. घरेलू स्तर पर कई बड़ी कंपनियों द्वारा जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर वित्तीय नतीजे पेश किए जाने से भी बाजार को मजबूत समर्थन मिला.
कुछ दिग्गज शेयरों में दिखा दबाव
हालांकि बाजार की समग्र चाल सकारात्मक रही, लेकिन कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट भी दर्ज की गई. ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एनटीपीसी, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, ओएनजीसी, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील और बजाज ऑटो के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए. इन शेयरों में बिकवाली के बावजूद बाजार का समग्र रुख मजबूत बना रहा, क्योंकि अन्य सेक्टरों में खरीदारी का दबाव अधिक देखने को मिला.
आज इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर
बाजार की दिशा तय करने में आज कई अहम घटनाएं भूमिका निभा सकती हैं. जून तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने वाली कंपनियों के प्रदर्शन पर निवेशकों की खास नजर रहेगी. इसके अलावा प्राथमिक बाजार (IPO) की गतिविधियां और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है. वैश्विक बाजारों की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम भी दिनभर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे.
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