LOC Blast: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया. सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत चल रहे नियमित अभियान के दौरान बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने की कोशिश कर रहे सेना के दो जवान विस्फोट की चपेट में आ गए. दोनों जवान घायल हो गए, जिन्हें तुरंत सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण अपनी जगह से खिसकी बारूदी सुरंग को सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई की जा रही थी, तभी अचानक विस्फोट हो गया.
नियमित गश्त के दौरान हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, सेना का बम निरोधक दस्ता मेंढर सेक्टर के कंगा गली क्षेत्र में नियमित गश्त पर था. इसी दौरान जवानों को एक बारूदी सुरंग दिखाई दी, जिसे निष्क्रिय करने का अभियान शुरू किया गया. ऑपरेशन के दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और दो सैनिक घायल हो गए. हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने राहत कार्य शुरू किया और दोनों घायलों को सेना के अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है.
घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई जाती हैं सुरंगें
एलओसी के संवेदनशील इलाकों में घुसपैठ रोकने के उद्देश्य से सेना द्वारा बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं. हालांकि मानसून के दौरान लगातार बारिश और मिट्टी के कटाव की वजह से कई बार ये सुरंगें अपनी मूल जगह से खिसक जाती हैं. ऐसी स्थिति में सेना समय-समय पर इनकी पहचान कर उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करती है, ताकि सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों को किसी तरह का खतरा न हो.
जंग लगा विस्फोटक भी किया गया नष्ट
इसी दौरान पुंछ के नालवा-देगवार तरवान इलाके में मजदूरों को एक जंग लगा संदिग्ध विस्फोटक उपकरण मिला. सूचना मिलने के बाद सेना की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया. इसके बाद पूरे क्षेत्र की तलाशी भी ली गई, ताकि किसी अन्य संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके.
सोपोर में तलाशी अभियान के दौरान मिले 45 गोले
उधर, कश्मीर के सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान एक घर से कबाड़ के बीच 45 संदिग्ध गोले बरामद किए गए हैं. यह अभियान सोपोर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की 5वीं राष्ट्रीय राइफल्स ने संयुक्त रूप से चलाया था. बरामद गोले शीर कॉलोनी स्थित एक मकान से मिले हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये गोले वहां कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था.
सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं मामले की गहन जांच
एलओसी पर हुए विस्फोट और सोपोर से मिले संदिग्ध गोलों की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं. सीमा पर लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी तेज कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके.
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