नई दिल्ली: भारत ने अपनी रक्षा ताकत को बढ़ाते हुए एक नया स्वदेशी वन-वे अटैक ड्रोन तैयार किया है. इस ड्रोन का नाम ‘काल’ रखा गया है. इसे भारतीय रक्षा कंपनी आईजी डिफेंस ने देश में ही डिजाइन और विकसित किया है.
यह ड्रोन करीब 1000 किलोमीटर तक हमला करने की क्षमता रखता है. कंपनी के अनुसार, आने वाले समय में इसे चीन और पाकिस्तान सीमा से जुड़े इलाकों में तैनात किया जा सकता है. सरकार से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद इस ड्रोन को मित्र देशों को भी निर्यात करने की योजना है.
‘काल’ ड्रोन की खास ताकत
‘काल’ ड्रोन को लंबी दूरी तक हमला करने के लिए बनाया गया है. इसकी कई खास बातें हैं-
ड्रोन में आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और सटीक हमला करने वाली तकनीक लगाई गई है. इससे सैनिकों को खतरे में डाले बिना दुश्मन के इलाके में दूर तक हमला किया जा सकता है.
क्या होता है वन-वे अटैक ड्रोन?
‘काल’ एक वन-वे अटैक यानी कामिकाजे ड्रोन है. इसे वापस लौटने के लिए नहीं बनाया जाता. यह अपने लक्ष्य तक पहुंचकर उससे टकराता है और उसे नष्ट कर देता है. इसी वजह से इसे लोइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है.
ऐसे ड्रोन कम लागत में बड़े प्रभाव वाले हथियार माने जाते हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे संघर्षों में इनकी उपयोगिता देखने को मिली है, जिसके बाद दुनियाभर में इनकी मांग बढ़ी है.
ईरान के शाहेद ड्रोन जैसी श्रेणी में शामिल
कंपनी के मुताबिक, ‘काल’ ड्रोन उसी श्रेणी का है जिसमें ईरान का शाहेद-136, रूस का गेरान-2 और अमेरिका के कुछ लंबी दूरी वाले अटैक ड्रोन शामिल हैं.
इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत कम कीमत में दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने की क्षमता है.
रक्षा क्षेत्र और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
आईजी डिफेंस का कहना है कि भविष्य में लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन की जरूरत और बढ़ेगी. ‘काल’ भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है. इस ड्रोन के जरिए भारत कम लागत में आधुनिक हथियार बनाने की क्षमता दिखा रहा है.
कंपनी ने बताया कि सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही इसे दूसरे देशों को बेचा जाएगा. भारत सरकार भी ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन और हथियारों के निर्यात को बढ़ावा दे रही है.
आईजी डिफेंस इसके अलावा इंटरसेप्टर ड्रोन, एफपीवी कॉम्बैट ड्रोन, एआई आधारित ड्रोन सिस्टम और काउंटर-ड्रोन तकनीक पर भी काम कर रही है.
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