पाकिस्तान बना रहा ईरान के शाहेद जैसा किलर ड्रोन, रेंज में होंगे भारत के कई बड़े शहर, क्या है प्लाान?

पाकिस्तान अपनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता बढ़ाने के लिए ईरान के शाहेद-135 जैसे ड्रोन पर काम कर रहा है.

Pakistan is developing a killer drone similar to Iran Shahed Indian cities range
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

इस्लामाबाद: पाकिस्तान अपनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता बढ़ाने के लिए ईरान के शाहेद-135 जैसे ड्रोन पर काम कर रहा है. इसका संकेत 29 अगस्त को उस समय मिला, जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के प्रमुख असीम मुनीर ने पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री का दौरा किया. इस दौरान उन्हें शाहेद-136 जैसी क्षमता वाले एक नए ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन के बारे में जानकारी दी गई. पाकिस्तान में इस तरह के कम से कम दूसरे हथियार पर काम चल रहा है.

इस नए ड्रोन की सही मारक क्षमता अभी साफ नहीं है. हालांकि, इससे इतना जरूर संकेत मिलता है कि पाकिस्तान अपनी सेना के लिए लंबी दूरी तक हमला करने वाले हथियार तैयार करना चाहता है. पाकिस्तानी सेना को 2000 से 3000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने वाले हथियारों की जरूरत बताई जाती रही है. इनमें कम लागत वाले एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन अहम भूमिका निभा सकते हैं.

शाहेद-136 कितना खतरनाक है?

शाहेद-136 ईरान में बनाया गया एक लंबी दूरी का हमला करने वाला ड्रोन है. इसे कामिकेज या आत्मघाती ड्रोन भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें विस्फोटक लगाया जा सकता है और यह सीधे लक्ष्य से टकराकर हमला करता है.

इस ड्रोन की मारक क्षमता अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 1000 से 2500 किलोमीटर तक बताई गई है. इसे पहली बार 2021 में सार्वजनिक तौर पर सामने लाया गया था. इसके बाद रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस तरह के ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है. रूस ने ईरान से बड़ी संख्या में शाहेद ड्रोन हासिल किए हैं.

क्या बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले की तैयारी?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान रूस, यूक्रेन और ईरान की तरह ड्रोन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की रणनीति अपनाना चाहता है, तो उसे ऐसे हथियारों की बड़ी संख्या में जरूरत होगी.

ऐसे में पाकिस्तान इन ड्रोन का बड़ा भंडार तैयार करने और युद्ध के दौरान लगातार इनकी सप्लाई बनाए रखने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकता है. घरेलू स्तर पर निर्माण होने से उसे विदेशी सप्लाई पर निर्भरता भी कम करने में मदद मिल सकती है.

यूक्रेन के ड्रोन पर भी पाकिस्तान की नजर

पाकिस्तान इन हथियारों के निर्माण के लिए तकनीक हासिल करने और उन्हें देश में बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है. अब यह देखना अहम होगा कि इनके उत्पादन में सिर्फ सरकारी कंपनियों को शामिल किया जाता है या निजी कंपनियों को भी बड़ी भूमिका मिलती है.

इसके अलावा पाकिस्तान की नजर यूक्रेन के एफपी-1 ड्रोन पर भी है. एक पाकिस्तानी निजी कंपनी यूक्रेन की फायर पॉइंट टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर इन ड्रोन की बिक्री और निर्माण की संभावनाओं पर बातचीत कर रही है. इससे पाकिस्तान के ड्रोन कार्यक्रम में विदेशी तकनीक और घरेलू निर्माण का मेल देखने को मिल सकता है.

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