इस्लामाबाद: वैसे तो आतंक का आका पाकिस्तान अमेरिका के आगे-पीछे घूमता रहता है. पाकिस्तान की शहबाज सरकार अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जी-हजूरी करते नहीं थकती. लेकिन अब अचानक पाकिस्तानी सरकार में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. उन्होंने अमेरिका को लेकर कुछ ऐसी बातें कही हैं, जो शहबाज शरीफ को भी चुभ रही होंगी.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का कहना है कि, अमेरिका ने पाकिस्तान का हमेशा इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि, अफगानिस्तान से जंग में उसके लोगों को जिहाद के नाम पर मरवाया और जब काम हो गया, तो उसे अकेला छोड़ दिया.
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि, 1980 के दशक में अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ विद्रोह हुआ. यह विद्रोह अमेरिका के इशारे पर किया गया. पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार ने अपने हित को देखते हुए इसमें अपने लोगों को शामिल कर लिया. यह बड़ी गलती थी.
"रूस के खिलाफ लड़ाई जिहाद नहीं था"
उन्होंने कहा कि, जब तालिबानियों ने रूस के खिलाफ जंग छेड़ी थी, तब उसका नाम जिहाद दिया गया. यह जिहाद नहीं था. क्योंकि रूस ने अफगानिस्तान पर कोई कब्जा नहीं किया था. रूस को उस वक्त की सरकार ने आमंत्रण देकर अपने यहां बुलाया था. पाकिस्तान का इस जंग में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन हम हुए. ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि, 2001 में हमने फिर से बड़ी गलती की. अमेरिका के लिए हम तालिबान के खिलाफ हो गए. अमेरिका तो चला गया, हम अब तक नुकसान उठा रहे हैं. इसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है.
"अमेरिका ने टॉयलेट पेपर की तरह किया इस्तेमाल"
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमने अमेरिका के लिए क्या नहीं किया? जंग लड़ने के लिए उसे अपना एयरस्पेस दिया. काराची पोर्ट दिया. उसे अपने लोग दिए, लेकिन बदले में क्या मिला? अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल एक टॉयलेट पेपर की तरह किया. उपयोग के बाद उसे फेंक दिया.
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