Agni-3 Missile: भारत ने अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत करते हुए अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण 6 फरवरी को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. मिसाइल ने तय लक्ष्य तक पहुंचकर अपना मिशन पूरी तरह सफल किया.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी तकनीकी और ऑपरेशनल मानक सही पाए गए. अग्नि-3 को सामरिक बल कमान (SFC) के जवानों ने मोबाइल लॉन्चर से दागा. यह पूरी प्रक्रिया स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में हुई, जो देश की अहम सैन्य तैयारियों की जिम्मेदारी संभालती है.
पाकिस्तान और चीन के बड़े हिस्से तक पहुंच
अग्नि-3 की मारक क्षमता करीब 3,000 से 3,500 किलोमीटर बताई जाती है. इस रेंज में पूरा पाकिस्तान और चीन के कई बड़े शहर आते हैं, जिनमें बीजिंग भी शामिल है. इससे भारत की रणनीतिक ताकत को बड़ा बढ़ावा मिलता है.
अग्नि-3 मिसाइल की प्रमुख खूबियां
अग्नि मिसाइल भारत की रणनीतिक ताकत
अग्नि मिसाइल सिस्टम भारत की रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है. इससे पहले भी भारत अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर चुका है. अग्नि-5 की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है और इसका परीक्षण भी चांदीपुर रेंज से ही किया गया था.
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