पाकिस्तान में मंगलवार का दिन दहशत और खौफ से भरा रहा. एक ही दिन में दो अलग-अलग फिदायीन हमलों ने पूरे देश को हिला दिया — पहला हमला राजधानी इस्लामाबाद में हुआ, जबकि दूसरा खैबर पख्तूनख्वा के वाना स्थित आर्मी कैडेट कॉलेज में. इन दोनों हमलों के बाद पाकिस्तान सरकार के सुर बदल गए हैं और अब उसने अफगानिस्तान को खुली चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो पाकिस्तानी सेना सीमा पार जाकर जवाब देगी.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस्लामाबाद और वाना हमलों के बाद सख्त लहजे में कहा कि पाकिस्तान किसी भी हद तक जा सकता है. उन्होंने अफगान तालिबान पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूहों को पनाह दे रहा है. जियो न्यूज के कार्यक्रम ‘आज शाहज़ेब खानज़ादा के साथ’ में बोलते हुए आसिफ ने कहा, “अफगानिस्तान में छिपे आतंकियों को वहां की सरकार खुला समर्थन दे रही है. ऐसे में सीमा पार कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.”उन्होंने अफगान तालिबान द्वारा जारी ‘हमलों की निंदा’ वाले बयान को भी खारिज कर दिया और कहा कि यह “सिर्फ औपचारिकता है, ईमानदारी नहीं.”
पाकिस्तान ने भारत को भी घसीटा विवाद में
रक्षा मंत्री आसिफ ने अपनी बयानबाज़ी में भारत को भी नहीं छोड़ा. उन्होंने दावा किया कि “भारत और अफगानिस्तान, दोनों किसी भी दुस्साहस का प्रयास करेंगे तो पाकिस्तान उसी तरह जवाब देगा.” हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि “पाकिस्तान खुद कोई सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेगा, लेकिन यदि हमला हुआ तो जवाब अवश्य देगा.”यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान के कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाते रहे हैं, जबकि आतंकी हमलों की जिम्मेदारी हमेशा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों ने ली है.
आत्मघाती हमले से दहला इस्लामाबाद
मंगलवार को इस्लामाबाद के जी-11 इलाके में स्थित अदालत परिसर के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया. विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियां जल गईं और इमारत के शीशे चकनाचूर हो गए. इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 30 से अधिक घायल हुए.पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह हमला “सीमा पार से भेजे गए आतंकियों” का काम है, जबकि अफगानिस्तान ने किसी भी तरह की भागीदारी से साफ इनकार कर दिया है.
वाना कैडेट कॉलेज पर फिदायीन साजिश नाकाम
इसी दिन दूसरा हमला खैबर पख्तूनख्वा के वाना आर्मी कैडेट कॉलेज पर हुआ, जहां आतंकियों ने पेशावर आर्मी स्कूल जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी. पाकिस्तान के मुताबिक, चार से पांच फिदायीन हमलावरों ने कॉलेज को घेरने की कोशिश की और छात्रों को बंधक बनाने का इरादा था.उस समय कॉलेज परिसर में 525 कैडेटों सहित लगभग 650 लोग मौजूद थे. हालांकि, सुरक्षाबलों की तत्परता से आतंकियों को कॉलेज के अंदर प्रवेश करने से पहले ही ढेर कर दिया गया.
तीन बार विफल रही शांति बहाली की कोशिशें
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता की तीन कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं. दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को अपने यहां से हमले करने की अनुमति देता है, जबकि अफगान तालिबान इस आरोप को सिरे से खारिज करता है.
ख्वाजा आसिफ का चेतावनी भरा संदेश
हमलों के बाद आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा हम युद्ध की स्थिति में हैं. जो यह सोचते हैं कि पाकिस्तानी सेना केवल सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद से लड़ रही है, वे गलत हैं. इस्लामाबाद में हुआ आत्मघाती हमला हमारी आंखें खोलने के लिए काफी है.”उन्होंने कहा कि अगर काबुल प्रशासन ने पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने वालों पर लगाम नहीं लगाई, तो इस्लामाबाद जवाबी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा.
अफगानिस्तान पर बढ़ता दबाव
पाकिस्तान की ओर से आई इन धमकियों ने काबुल में बैठे तालिबान शासन पर दबाव बढ़ा दिया है. हालांकि, अफगान सरकार का कहना है कि वह पाकिस्तान के आरोपों को “राजनीतिक शोर” मानती है. वहीं, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के अंदर बढ़ते आतंकी हमले उसकी खुद की नीतियों का नतीजा हैं, क्योंकि दशकों से वह इन संगठनों को समर्थन देता रहा है.
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