शरिया लागू होने तक नहीं रुकेंगे हमले... इस्लामाबाद ब्लास्ट के बाद TTP की नई धमकी से दहशत

TTP Attack In Islamabad: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद सोमवार को एक बार फिर दहशत से कांप उठी, जब शहर की एक अदालत के बाहर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 27 से अधिक लोग घायल हो गए.

Attacks will not stop until Sharia is implemented Panic due to TTP new threat after Islamabad blast
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TTP Attack In Islamabad: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद सोमवार को एक बार फिर दहशत से कांप उठी, जब शहर की एक अदालत के बाहर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 27 से अधिक लोग घायल हो गए. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है. पाकिस्तान तालिबान के नाम से मशहूर यह संगठन देश में बढ़ते आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

यह धमाका उस वक्त हुआ जब इस्लामाबाद में कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम चल रहे थे, जिनमें अंतर-संसदीय अध्यक्षों का सम्मेलन भी शामिल था. इस वजह से सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह घटना गंभीर चिंता का विषय बन गई है.

कोर्ट के बाहर 12 मिनट तक घूमता रहा हमलावर

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बताया कि धमाका दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर हुआ. प्राथमिक जांच में पता चला है कि आत्मघाती हमलावर अदालत के मुख्य प्रवेश द्वार के पास करीब 12 मिनट तक खड़ा रहा. उसने पहले अदालत परिसर में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा जांच में नाकाम रहने पर पुलिस वाहन को निशाना बनाकर खुद को उड़ा लिया.

धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और अदालत के बाहर भगदड़ मच गई. चश्मदीदों के अनुसार, मौके पर धुआं फैल गया और घायल लोगों की चीख-पुकार गूंजने लगी.

घायलों का इलाज जारी

पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (PIMS) के प्रवक्ता डॉ. मुबाशिर दाहा ने बताया कि अस्पताल में कुल 36 घायलों को भर्ती कराया गया. इनमें से 18 को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 14 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. तीन लोग अब भी आपातकालीन विभाग में हैं और एक की सर्जरी चल रही है.

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी और आम नागरिक शामिल हैं, जो उस समय अदालत परिसर के बाहर मौजूद थे.

जल्द सामने आएगा हमलावर का नेटवर्क

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घटना के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस हमले के हर पहलू की जांच कर रही है. उन्होंने बताया, “हम अगले कुछ घंटों में हमलावर की पहचान कर लेंगे. यह हमला कई घटनाओं से जुड़ा हो सकता है. आने वाले दिनों में इसकी पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.”

नकवी ने इस हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों की सराहना की और कहा कि सुरक्षाबल सतर्क न रहते तो जानमाल का नुकसान कई गुना अधिक हो सकता था.

टीटीपी ने शरिया लागू होने तक और हमलों की दी धमकी

हमले की जिम्मेदारी लेते हुए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने एक बयान जारी किया. बयान में कहा गया, “हमारे एक फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) ने इस्लामाबाद की अदालत में न्यायिक अधिकारियों और सरकारी प्रतिनिधियों को निशाना बनाया. पाकिस्तान जब तक इस्लामी शरिया कानून को पूरी तरह लागू नहीं करता, तब तक हमारे हमले जारी रहेंगे.”

इस धमकी ने पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि बीते कुछ महीनों में टीटीपी ने कई बार सीमा पार से हमले करने की चेतावनी दी थी.

“पाकिस्तान युद्ध की स्थिति में है” 

हमले के बाद रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि पाकिस्तान “वास्तविक युद्ध की स्थिति” में है. उन्होंने कहा कि यह हमला न सिर्फ देश की आंतरिक सुरक्षा पर हमला है, बल्कि अफगानिस्तान के साथ चल रही वार्ताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है.

आसिफ ने कहा, “हमारी सीमाओं के पार से आने वाली यह हिंसा दिखाती है कि आतंकवादी अब भी पाकिस्तान की स्थिरता को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं. सरकार और सेना इस खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”

पाकिस्तान में बढ़ रहे आतंकी हमले

पिछले एक साल में पाकिस्तान के कई हिस्सों में आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है. खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत में टीटीपी और इससे जुड़े गुटों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है.

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