West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 15 सालों के बाद सत्ता में वापसी की है. तृणमूल कांग्रेस के परंपरागत गढ़ को बीजेपी ने अपनी जबरदस्त चुनावी रणनीति और कड़ी मेहनत से ध्वस्त कर दिया. चुनावी रुझानों के मुताबिक, भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 197 सीटों पर बढ़त बना रखी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 90 सीटों तक ही सिमट कर रह गई है. इस ऐतिहासिक जीत के पीछे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की कड़ी मेहनत और रणनीतिक प्रचार का हाथ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक सभी ने अहम भूमिका निभाई.
प्रधानमंत्री मोदी की कड़ी मेहनत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार में महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने न सिर्फ पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया, बल्कि राज्य में भाजपा की सशक्त उपस्थिति को भी सुनिश्चित किया. पीएम मोदी ने 22 बार बंगाल का दौरा किया और आचार संहिता लागू होने के बाद 21 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने राज्य के 43 जिलों में से 41 जिलों को कवर किया. 14 मार्च को चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले कोलकाता में उनकी जनसभा हुई, जिसमें 5.5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए. इसके बाद, पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 19 चुनावी जनसभाएं की और हावड़ा व कोलकाता में 2 रोड शो किए, जिनमें जनता का भारी समर्थन देखने को मिला.
अमित शाह ने दी प्रचार की धार में तेज़ी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनावी अभियान में प्रमुख भूमिका निभाई. उन्होंने कुल 40 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिनमें 39 जिलों को कवर किया गया और 57 विधानसभा सीटों तक अपना संदेश पहुंचाया. शाह के चुनावी प्रचार में योगदान प्रमुख था, और उन्होंने 29 जनसभाओं को संबोधित किया. साथ ही, शाह ने राज्यभर में 11 रोड शो भी किए, जिनमें जनता ने उनका भरपूर समर्थन किया. उनका यह सक्रिय प्रचार भाजपा की सत्ता में वापसी के लिए निर्णायक साबित हुआ.
नितिन नवीन की रणनीतिक सभाएं
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बंगाल में पार्टी के चुनावी अभियान को गति दी. उन्होंने 17 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए और बीजेपी के केंद्रीय नेताओं के साथ मिलकर कुल 128 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाई. उनके नेतृत्व में पार्टी ने मजबूत कड़ी बनाई, जिससे भारतीय जनता पार्टी को राज्य में अपनी शक्ति स्थापित करने में सफलता मिली.


ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में TMC चारों खाने चित, अभिषेक बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - फैसला स्वीकार...