West Bengal Election 2026 Result: पश्चिम बंगाल में 4 मई को आए चुनावी परिणाम ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है. टीएमसी के 15 सालों के शासन को समाप्त करते हुए बीजेपी अब राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इसका मतलब है कि ममता बनर्जी की सरकार का समापन हो चुका है और बीजेपी के हाथों में अब सत्ता की चाबी आ गई है. इस राजनीतिक बदलाव पर टीएमसी के नेता और महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी.
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि एक सभ्य समाज में लोग जो भी फैसला सुनाते हैं, उसे हर किसी को स्वीकार करना चाहिए. वोटों की गिनती की प्रक्रिया असामान्य रूप से धीमी चल रही है. इससे पहले 2021 में लगभग 90% गिनती साढ़े आठ घंटे के भीतर पूरी हो गई थी. अब उतने ही समय में केवल 6–8 राउंड ही पूरे हुए हैं.
अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि सभी से धैर्य बनाए रखने का आग्रह करता हूँ. तृणमूल के सभी काउंटिंग एजेंटों से भी अपील करता हूं कि वे किसी भी परिस्थिति में काउंटिंग सेंटर छोड़कर न जाएं. कई जगहों पर नतीजे मीडिया को बताए भी नहीं जा रहे हैं. बर्धमान दक्षिण में तृणमूल कांग्रेस पहले ही जीत हासिल कर चुकी है. फिर भी वोटों की दोबारा गिनती की जा रही है. अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि कल्याणी में कम से कम आठ ऐसी EVM हैं, जहां कंट्रोल यूनिट का डेटा Form 17C से मेल नहीं खाता है.
बीजेपी ने टीएमसी के गढ़ में लगाई सेंध
चुनाव परिणामों के बाद खबरें आईं कि बीजेपी ने मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल जैसे तृणमूल कांग्रेस के गढ़ों में जबरदस्त सफलता हासिल की है. इन इलाकों में भगवा पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत की है, जिससे टीएमसी को बड़ा झटका लगा है. अभिषेक बनर्जी ने हेस्टिंग्स काउंटिंग सेंटर का दौरा किया, लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हें वहां से बाहर जाने के लिए कहा क्योंकि वे चुनावी उम्मीदवार नहीं थे.
इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह काउंटिंग सेंटर को लूटने का प्रयास कर रही है. इन घटनाओं के बीच ममता बनर्जी राज्यपाल से मिलने की योजना बना रही हैं, जो यह दर्शाता है कि टीएमसी हार के बावजूद अपने अधिकारों का बचाव करने की कोशिश कर रही है.
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