अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा मुनीर! अफगानिस्तान पर फिर हमला करेगा पाकिस्तान? आसमान में मंडरा रहे ड्रोन

Pakistan Afghanistan War: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है, जहां लगातार दूसरे दिन अज्ञात ड्रोन और विमानों की गतिविधि देखी गई है. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि गुरुवार रात से ही शहर के कई इलाकों में ड्रोन के इंजन की आवाजें सुनाई दे रही थीं. 

Munir is unstoppable Will Pakistan attack Afghanistan again Drones hovering in the sky
Image Source: Social Media/X

Pakistan Afghanistan War: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है, जहां लगातार दूसरे दिन अज्ञात ड्रोन और विमानों की गतिविधि देखी गई है. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि गुरुवार रात से ही शहर के कई इलाकों में ड्रोन के इंजन की आवाजें सुनाई दे रही थीं. 

खासतौर पर अब्दुल हक स्क्वायर क्षेत्र में एक विस्फोट की पुष्टि भी की गई है, जो कि अफगान खुफिया एजेंसी और कई मंत्रालयों के निकट स्थित है. विस्फोट की तीव्रता और उद्देश्य को लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है, लेकिन इसकी टाइमिंग और संदर्भ इस घटना को सामान्य दुर्घटना से कहीं अधिक गंभीर बनाते हैं.

पाकिस्तान पर तालिबान का सीधा आरोप

तालिबान प्रशासन ने इस घटना को “राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन” बताते हुए सीधे पाकिस्तान पर आरोप लगाया है. अफगान रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि काबुल में हुआ हमला और पकतिका प्रांत में हुआ एक अन्य विस्फोट पाकिस्तानी वायुसेना की कार्रवाई थी. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस हमले की कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान पर अफगान क्षेत्र में घुसकर हवाई हमले करने का आरोप लगाया गया है. अतीत में भी वह अफगान सीमा पार कर आतंकवादियों के खिलाफ हमले करता रहा है, खासकर टीटीपी (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर.

क्या निशाना थे टीटीपी प्रमुख नूर वली महसूद?

इस बार की कार्रवाई को लेकर जो सबसे बड़ा दावा सामने आया है, वह यह है कि पाकिस्तानी हमले का लक्ष्य टीटीपी प्रमुख नूर वली महसूद थे. कुछ पाकिस्तानी मीडिया स्रोतों का कहना है कि वह इस हमले में मारे गए हैं, लेकिन टीटीपी ने इन खबरों को खारिज करते हुए एक ऑडियो संदेश जारी किया है, जिसमें दावा किया गया कि महसूद सुरक्षित हैं. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह वास्तव में इस हमले में शामिल स्थानों पर मौजूद थे या नहीं. यह पहली बार नहीं है जब उनके मारे जाने की खबरें फैली हैं; इससे पहले भी 2021 में ऐसी अफवाहें सामने आ चुकी हैं, जिन्हें बाद में झूठा बताया गया.

तालिबान की चेतावनी और आक्रामक प्रतिक्रिया

तालिबानी रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को “अभूतपूर्व, हिंसक और जघन्य” बताया है और चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कार्रवाइयाँ दोहराई जाती हैं, तो पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. हालांकि अभी तक तालिबान ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई नहीं की है, लेकिन कड़े शब्दों में दी गई प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि तालिबान इस मामले को गंभीर रूप से ले रहा है. सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने यह भी कहा कि काबुल में हुआ विस्फोट किसी दुर्घटना का परिणाम था, लेकिन बाद में रक्षा मंत्रालय के बयान से स्पष्ट हुआ कि यह तालिबान की रणनीतिक चुप्पी थी, न कि अनभिज्ञता.

भारत में तालिबानी विदेश मंत्री की मौजूदगी से तनाव में इज़ाफा

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत दौरे पर हैं. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह पहला मौका है जब किसी वरिष्ठ तालिबानी मंत्री ने भारत की यात्रा की है. मुत्तकी देवबंद में धार्मिक और राजनयिक मुलाकातों में व्यस्त हैं और उन्होंने भारत के साथ बेहतर द्विपक्षीय संबंधों की इच्छा जताई है.

 उन्होंने यह भी कहा है कि अफगानिस्तान की धरती को किसी भी अन्य देश के विरुद्ध इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा. विश्लेषकों का मानना है कि मुत्तकी की यह यात्रा पाकिस्तान के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है, और हो सकता है कि इस हवाई हमले की टाइमिंग उसी नाराजगी का इशारा हो.

कूटनीति बनाम सैन्य रणनीति

इस घटनाक्रम ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक जटिल बना दिया है. पाकिस्तान का यह मानना रहा है कि अफगानिस्तान की धरती पर मौजूद टीटीपी के ठिकाने उसके लिए सीधा खतरा हैं.

वहीं तालिबान का दावा है कि वह किसी आतंकवादी संगठन को अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा, लेकिन जमीन पर हालात अक्सर दावों से अलग होते हैं. पाकिस्तान द्वारा यदि वाकई यह हमला किया गया है, तो यह तालिबान को खुला संदेश है कि वह अपने दावों पर अमल करे या पाकिस्तान खुद कदम उठाएगा.

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