जयपुर: राजस्थान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए दीपावली से पहले राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने का फैसला लिया है. इस योजना के तहत 65 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में न केवल मरम्मत का काम होगा, बल्कि रंग-रोगन और लाइटिंग का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि स्कूलों का वातावरण और भी आकर्षक और छात्रों के लिए अनुकूल बनाया जा सके.
मरम्मत और रंगाई का बड़ा अभियान शुरू
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सभी सरकारी स्कूलों की मरम्मत का काम 8 दिनों के अंदर पूरा करना होगा. प्राथमिक स्कूलों को हल्के गुलाबी रंग से रंगा जाएगा जबकि उच्च माध्यमिक विद्यालय पीले रंग में रंगे जाएंगे. प्रत्येक स्कूल को 15 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का बजट दिया गया है, जिससे मरम्मत और रंगाई के कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकें.
रंगीन रोशनी से जगमगाएंगे स्कूल
सरकारी स्कूलों की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए लाइटिंग का भी विशेष प्रबंध किया जाएगा. दीपावली के त्योहार के मौके पर स्कूलों में स्वदेशी रंगीन रोशनियों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे स्कूलों की शामें जगमगाती रहेंगी. यह पहली बार है जब राजस्थान में स्कूलों के लिए इस तरह की व्यवस्था की जा रही है.
मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग की कड़ी व्यवस्था
राज्य शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक स्कूल के प्रिंसिपल को मरम्मत, रंगाई और लाइटिंग से पहले और बाद की तस्वीरें रिकॉर्ड कर रखनी होंगी. जिला शिक्षा अधिकारी इस पूरे कार्य की मॉनिटरिंग करेंगे और गुणवत्ता बनाए रखने का विशेष ध्यान रखा जाएगा. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि काम उच्चतम स्तर पर हो.
हालांकि यह पहल स्कूलों के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन एक चुनौती यह भी है कि राजस्थान के लगभग 84 हजार क्लासरूम जर्जर हालत में हैं और बच्चों के बैठने के लिए उपयुक्त नहीं हैं. ऐसे में रंगाई-पुताई और लाइटिंग के साथ-साथ स्कूलों की संरचना को भी सुदृढ़ करने की आवश्यकता है.
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