मोसाद की महिला जासूसों का ईरान में ऑपरेशन, मिसाइल ठिकानों से लेकर रडार तक उड़ाया, रिपोर्ट में खुलासा

हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की महिला जासूसों ने ईरान के खिलाफ बेहद गोपनीय और खतरनाक ऑपरेशनों को अंजाम दिया है.

Mossad female spies blew up missile bases in Iran
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की महिला जासूसों ने ईरान के खिलाफ बेहद गोपनीय और खतरनाक ऑपरेशनों को अंजाम दिया है. ये खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब जून 2025 में ईरान और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर था. कई मीडिया स्रोतों, खासकर जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दर्जनों प्रशिक्षित महिला एजेंट्स पहले से ही ईरान में सक्रिय थीं और उन्होंने इस टकराव के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई.

बताया जा रहा है कि इन महिला एजेंटों ने ईरान में प्रवेश करके जमीन पर रहकर काम किया. ये सिर्फ जासूसी नहीं कर रही थीं, बल्कि उन्होंने ईरानी मिसाइल प्रोग्राम और कई रणनीतिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई. इस दौरान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल डिपो, रडार स्टेशनों और अन्य अहम सैन्य परिसरों को निशाना बनाया गया.

महिला एजेंट "G" और उनकी पृष्ठभूमि

2024 में एक वरिष्ठ महिला एजेंट, जिनकी पहचान केवल “G” के नाम से उजागर हुई थी, ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. "G" मूल रूप से ईरानी पृष्ठभूमि से हैं और उन्हें दुश्मन देशों में एजेंटों की भर्ती में माहिर माना जाता है. इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उन्हें विशेष रूप से मशाल जलाकर सम्मानित किया गया, जो कि देश में वीरता और सेवा का प्रतीक माना जाता है.

जासूसी से परे खतरनाक अभियानों तक

मोसाद की महिला एजेंटों की भूमिका पारंपरिक खुफिया गतिविधियों से कहीं आगे बढ़ चुकी है. किताब "The Mossad Amazons" के मुताबिक, महिला जासूस न केवल निगरानी और डेटा संग्रह करती हैं, बल्कि दुश्मन अधिकारियों को अपने जाल में फंसाने, मिशन के दौरान सीधे टारगेट को खत्म करने और सैबर ऑपरेशन्स तक में सक्रिय रहती हैं.

बार्निया, जो वर्तमान में मोसाद के निदेशक हैं, ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के अंदर एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था. इसमें सिर्फ इजरायली एजेंट्स ही नहीं थे, बल्कि ईरान के अंदर के असंतुष्ट नागरिकों और पूर्व सैन्य अफसरों को भी जोड़ा गया था.

इजरायल को मिले रियल टाइम टारगेटिंग डेटा

इस नेटवर्क ने इजरायली वायुसेना को सीधे टारगेटिंग इनपुट उपलब्ध कराए, जिसकी मदद से जून 2025 के ऑपरेशन के दौरान इजरायल ने ईरान के अंदर कई न्यूक्लियर ठिकानों पर बमबारी की. इनमें नतांज, फोर्डो, और इस्फहान जैसे अत्यधिक सुरक्षित परमाणु संयंत्र शामिल थे. इसके अलावा, कई अन्य सैन्य अड्डों और मिसाइल भंडारण स्थलों को भी भारी नुकसान पहुंचा.

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