मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के कालापीपल दौरे के दौरान विकास और सुशासन को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने 30.86 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करते हुए क्षेत्र को नई सौगातें दीं. किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन और ‘हरा-भरा कालापीपल’ पौधरोपण अभियान में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया. इस दौरान उन्होंने नई सड़कें और रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने की घोषणा की, वहीं प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रयास तेज करने की बात भी कही.
"परमात्मा ने शाजापुर को अद्भुत सौंदर्य दिया"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल अद्भुत क्षेत्र है. मां राज-राजेश्वरी की इस पर असीम कृपा है. आज यह क्षेत्र पौधरोपण में नया रिकॉर्ड बना रहा है. नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती इन पांच नदियों की इस क्षेत्र को कृपा मिल रही है. परमात्मा ने शाजापुर को अद्भुत सौंदर्य दिया है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे प्रदेश में शाजापुर जैसा जिला है. उन्होंने कहा कि एक गाना है, ‘मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती, मेरे देश की धरती…’ इसी गाने की तरह शाजापुर हमारे लिए सोना उगलने वाली धरती भी है, कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली धरती भी है, संगठन का सूर्य चमकाने वाली धरती भी है.
"किसानों के लिए हमारी सरकार सबकुछ को तैयार"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘जो धरती को हरियाली का उपहार देते हैं, वही आने वाले कल को आकार देते हैं’. ‘किसान मुस्कुराए तो मुस्कुराता जहां है, इन्हीं की मेहनत से महकता अपना हिंदुस्तां है’. आज का यह आयोजन केवल भूमि-पूजन, लोकार्पण का औपचारिकता का कार्यक्रम नहीं है. उन्होंने कहा कि किसानों का 6-6 महीने के ब्याज का झंझट खत्म हो जाएगा. अब हम एक साल के लिए लोन देंगे. किसानों के लिए हमारी सरकार सबकुछ करने के लिए तैयार है.
"मोदी के नेतृत्व में देश अलग पहचान बना रहा"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अलग पहचान बना रहा है. किसान सम्मान निधि से लेकर सभी योजनाएं लगातार जन कल्याण का काम कर रही हैं. उन्होंने कहा, मैं कांग्रेस के मित्रों से पूछना चाहता हूं कि आपको परेशानी क्या है. आप बताइए नर्मदा कहां और शाजापुर कहां. फिर भी, यहां के 118 गांवों में नर्मदा जल आता है. आने वाले दिनों में जो-जो गांव बचे हैं, वहां भी पानी देंगे, पूरे क्षेत्र में पानी देंगे.
सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर निशाना
उन्होंने कहा कि राज्य से 250 से ज्यादा नदियां निकलती हैं. नर्मदा, पार्वती, कालीसिंध, चंबल, केन बेतवा जैसी नदियां बहती रहीं और कांग्रेस के लोग सरकार चलाते रहे. 1956 से मध्यप्रदेश बना है, लेकिन 2002-03 तक इन्होंने कुछ नहीं किया. उस काल तक सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हैक्टेयर होता था. लोगों को याद होगा 1956 के दौर में गेहूं का भाव 80 से लेकर 100 रुपये क्विंटल हुआ करता था.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल में गेहूं के भाव 400 रुपये भी नहीं बढ़ा पाई. जबकि, अभी किसानों ने गेहूं 2625 रुपये क्विंटल बेचा. यह बात कांग्रेसियों को सुनाओ कि यह है सरकार भाजपा की. यह है बीजेपी को वोट देने का परिणाम. कांग्रेस केवल सत्ता चाहती है. जब बीजेपी की सरकार बनी तब जाकर सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ.
"हम किसान से MSP पर फसल खरीदेंगे"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हमारी सरकार एक के बाद एक काम करती जा रही है. किसान के लिए लागत कम, आमदनी डबल होनी चाहिए. अब हम किसान से एमएसपी पर फसल खरीदेंगे. कांग्रेसियों ने किसानों से कभी एक दाना नहीं खरीदा. किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता से कहा कि अगर कोई कांग्रेसी आपके दरवाजे आए तो उनसे ये सारे सवाल करना.
कांग्रेस ने एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य के किसानों से लड़ाया. कांग्रेस की सरकार में पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वा दिया. किसानों के खून की नदियां बहती थीं और कांग्रेसी मजे करते थे. उनका काम ही है लोगों को आपस में बांटो और राज करो. अंग्रेज चले गए और कांग्रेस छोड़ गए. और ये कांग्रेसी हम सबके सिर पर बैठ गए.
"बुंदेलखंड के लोग बड़े जुझारू हैं"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच पानी को लेकर 20-30 साल तक झगड़ा चलता रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध परियोजना से इसका हल निकला. इस हल से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले प्रदेश के आनंद मनाएंगे. इस परियोजना का 90 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी. उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोग बड़े जुझारू हैं, लेकिन केवल पानी की कमी की वजह से पलायन करते थे.
"यूपी के साथ केन-बेतवा नदी को लेकर MoU किया"
उन्होंने कहा आज हमने उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी को लेकर एमओयू किया है. इस परियोजना के पूरा बुंदेलखंड पानी से सराबोर होगा. इसी तरह हमने महाराष्ट्र के साथ भी करार किया है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा क्षेत्र बदल गया. सरदरा सरोवर परियोजना के लिए हमें 1500 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन अब हमें मात्र 231 करोड़ रुपये देने होंगे.
यूसीसी लागू करने पर क्या बोले सीएम यादव?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत से लेकर खलिहान तक और खलिहान से लेकर बागबां तक हम सभी का सम्मान करते हैं. हमारी सरकार पूरे साल काम करती है. अभी तो कांग्रेसियों को और बड़ा झटका लगने वाला है. हमारे यहां हिंदू का कानून अलग, मुस्लमान का कानून अलग, ये अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए. कानून एक ही होना चाहिए. मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं. उनके साथ जो होता है अब वो नहीं चलेगा. इन बहनों के आत्मसम्मान के लिए एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि इसलिए हम इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का प्रयास करेंगे. हम दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है. दस साल से सब इंस्पेक्टर की भर्ती टल रही थी, हमने वो भर्ती शुरू कर दी. हमने पदोन्नति दी और रोजगार के रास्ते खोले. आज मध्यप्रदेश में दस लाख करोड़ का निवेश हो चुका है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा आपके पास ही पेप्सिको प्लांट लगा रहा है. यह कंपनी आपसे आलू खरीदेगी. इसलिए अपनी फसल में आलू की गुंजाइश भी रखो. किसान रोड किनारे अपनी जमीन पर होम स्टे बनाए. उसमें हम कोई अलग से बिजली बिल नहीं मांगेंगे. सांदीपनि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह काम हो रहे हैं.
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