नेपाल में टला बड़ा खतरा? चीन ने कहा- नहीं टूटी नई झील, राहत-बचाव अभियान दोबारा शुरू

Nepal Flood Alert: नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच शुक्रवार को एक बार फिर नया अलर्ट जारी किया गया. तिब्बत की तरफ एक और झील टूटने की खबर सामने आने के बाद नेपाल के अधिकारियों ने नदी किनारे और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी.

Major threat averted in Nepal China says new lake has not breached relief and rescue operations resume
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Nepal Flood Alert: नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच शुक्रवार को एक बार फिर नया अलर्ट जारी किया गया. तिब्बत की तरफ एक और झील टूटने की खबर सामने आने के बाद नेपाल के अधिकारियों ने नदी किनारे और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी.

यह अलर्ट ऐसे समय में आया जब बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव का काम चल रहा था. नए खतरे को देखते हुए कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया और बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया.

नेपाल में पहले ही बाढ़ से भारी नुकसान हो चुका है. अब तक 469 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. हालांकि, बाद में चीन की ओर से कहा गया कि फिलहाल नई झील के फटने का खतरा नहीं है. इसके बाद राहत और बचाव का काम फिर से शुरू कर दिया गया.

नेपाली पुलिस ने जारी किया अलर्ट

धडिंग जिले में पुलिस लगातार लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाने में जुटी रही. लोगों से कहा गया कि वे घर खाली कर जरूरी सामान और खाने-पीने की चीजें लेकर ऊंचाई वाले इलाकों की ओर चले जाएं. पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की कि वे आसपास रहने वाले लोगों को भी खतरे की जानकारी दें और उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचने में मदद करें.

धडिंग में नेपाल पुलिस, स्पेशल फोर्स और एपीएफ की टीमें लोगों को घरों और दुकानों से बाहर निकाल रही थीं. बुजुर्गों को स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया. अचानक आए अलर्ट के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई लोगों के मोबाइल फोन पर भी खतरे का अलर्ट पहुंचा. इसके बाद लोग तेजी से ऊंचाई वाले इलाकों की तरफ जाने लगे.

बाढ़ से पहले ही मची है भारी तबाही

नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है. हिमालयी सीमा के पास बसे क्षेत्रों में पानी के साथ कीचड़, पत्थर और मलबा नीचे की तरफ बहा. अब नए अलर्ट ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी. 

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका के चलते नदी के आसपास रहने वाले लोग खुद ही सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे. पहली बाढ़ की तबाही देखने के बाद लोग किसी भी नए खतरे को लेकर काफी डरे हुए हैं.

1500 से ज्यादा लोग अब भी लापता

बाढ़ के बाद नेपाल में हालात बेहद खराब बने हुए हैं. 1500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है, जबकि 469 लोगों की मौत हो चुकी है. बड़ी संख्या में लोग घायल भी बताए जा रहे हैं. भारत के अलग-अलग राज्यों से नेपाल गए 300 से ज्यादा लोगों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है. भारत का विदेश मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

नेपाल में राहत और बचाव के लिए 13,295 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षाबलों ने अब तक 3,253 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. नेपाली सेना के 15 हेलिकॉप्टर भी बचाव अभियान में लगाए गए हैं. नए अलर्ट के बाद कुछ समय के लिए बचाव अभियान रोका गया था, लेकिन खतरा कम होने की जानकारी मिलने के बाद राहत और बचाव का काम दोबारा शुरू कर दिया गया. भारत की तरफ से भी नेपाल को राहत सामग्री और दूसरी जरूरी मदद भेजी गई है.

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