ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजरायल का कहर, 50 से अधिक फाइटर जेट्स से हमला; अमेरिका भी करेगा अटैक?

इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार रात ईरान के अंदर एक बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया, जिसमें उसके 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स शामिल थे.

Israel wreaks havoc on Iran nuclear sites with 50 fighter jets
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

मध्य पूर्व की धरती पर तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार रात ईरान के अंदर एक बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया, जिसमें उसके 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स शामिल थे. ये हमले केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद सटीक और योजनाबद्ध थे.

परमाणु ठिकाने रहे मुख्य निशाने

IDF के अनुसार, इस ऑपरेशन में तेहरान स्थित एक सेंट्रीफ्यूज प्रोडक्शन यूनिट को प्रमुखता से निशाना बनाया गया — वह इकाई जहां यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास चल रहे थे. इजरायल का कहना है कि यह यूनिट ईरान के न्यूक्लियर बम प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा थी, और इसका नष्ट होना ईरान की परमाणु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाएगा.

इसके अलावा, उन स्थानों को भी निशाना बनाया गया जहां:

  • सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के लिए पुर्जे और कच्चा माल तैयार हो रहा था
  • सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की तकनीकी इकाइयां मौजूद थीं

IDF ने इस हमले का वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें रात के अंधेरे में उड़ते फाइटर जेट्स और मिसाइल लॉन्च की झलकियां देखी जा सकती हैं.

अमेरिका की नजर अब सीधे टारगेट पर

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी स्थिति पर नजरें गड़ाए हुए हैं. CNN की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस में उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर सीधे सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक:

  • ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से इस मुद्दे पर लगातार इनपुट लेना शुरू कर दिया है
  • वह कनाडा में चल रहे G7 सम्मेलन को बीच में छोड़कर वॉशिंगटन लौट आए ताकि इस पर आपात बैठक कर सकें
  • अमेरिकी सैन्य तैनाती में भी हाल के दिनों में इजाफा देखने को मिला है

ईरान की भी जवाबी तैयारी

जहां एक तरफ इजरायल और अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है, वहीं ईरान भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में डटा है. तेहरान से लेकर अन्य सैन्य अड्डों तक हाई अलर्ट की स्थिति है और ईरानी सेना अपनी प्रतिक्रिया को अंतिम रूप दे रही है.

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