इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के गिरफ्तारी वारंट को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर किसी देश में उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की जाती है तो इजराइल की स्पेशल फोर्स कार्रवाई के लिए तैयार है.
अमेरिका दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि आईसीसी के आदेश के बावजूद वह उन देशों की यात्रा करने से पीछे नहीं हटेंगे, जहां उनके खिलाफ वारंट को समर्थन मिला है.
स्पेशल फोर्स पर जताया भरोसा
विदेश यात्रा के दौरान किसी भी तरह के खतरे को लेकर पूछे गए सवाल पर नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विशेष बल मौजूद हैं.
उन्होंने अपने सैन्य अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह कई सालों तक सेना में सेवा दे चुके हैं और देश की सुरक्षा व्यवस्था पर उन्हें पूरा भरोसा है.
न्यूयॉर्क मेयर के बयान पर जताई नाराजगी
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा जारी रखने की बात कही. उन्होंने शहर के मेयर जोहरान ममदानी के उन बयानों को खारिज किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों से नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
नेतन्याहू ने कहा कि वह अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देंगे और सच सामने रखेंगे. उन्होंने मेयर के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि वह समाज में लोगों के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.
नेतन्याहू पर लगाए गए हैं गंभीर आरोप
आईसीसी ने नवंबर 2024 में गाजा संघर्ष से जुड़े मामलों को लेकर नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
अदालत के आरोपों में युद्ध के दौरान नागरिकों को नुकसान पहुंचाने, मानवीय मदद रोकने और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप शामिल हैं. हालांकि नेतन्याहू ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है.
उन्होंने आईसीसी की कार्रवाई को राजनीतिक कदम बताया और कहा कि यह फैसला इजराइल के खिलाफ पक्षपातपूर्ण है.
ट्रंप ने दिया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने मजबूत संबंधों को दोहराते हुए कहा है कि अमेरिका में उन्हें किसी गिरफ्तारी का खतरा नहीं है.
नेतन्याहू और ट्रंप के बीच हुई बैठक में मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
ईरान को लेकर बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल की यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है. हाल के समय में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़े तनाव ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है.
बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे.
कूटनीतिक रास्ते पर जोर दे रहा अमेरिका
अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहा है.
वहीं, इजराइल अपनी सुरक्षा को लेकर सख्त रुख बनाए हुए है. नेतन्याहू और ट्रंप की बैठक को मिडिल ईस्ट में आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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