Israel-Hamas Peace Deal: करीब तीन साल से गाजा में जारी संघर्ष के बीच अब शांति की उम्मीद नजर आने लगी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके 'बोर्ड ऑफ पीस' की मध्यस्थता से हमास और गाजा के दूसरे सशस्त्र संगठनों के साथ एक बड़ा समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत हमास हथियार छोड़ने और लड़ाई रोकने के लिए तैयार हो गया है. अगर यह पूरी तरह लागू होता है, तो गाजा में हालात बदल सकते हैं.
ट्रंप ने क्या दावा किया?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि यह समझौता गाजा में स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है. उनके अनुसार, समझौते को कई चरणों में लागू किया जाएगा. इसके तहत हमास हथियार छोड़ेगा और इजरायली सेना भी धीरे-धीरे गाजा से अपनी वापसी शुरू करेगी.
ट्रंप ने यह भी कहा कि भविष्य में गाजा का इस्तेमाल इजरायल पर हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा. उनका दावा है कि इस समझौते से क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ेगी.
गाजा में बनेगी नई प्रशासनिक व्यवस्था
समझौते के तहत गाजा में एक नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था बनाने की योजना है. यह नया प्रशासन आम लोगों के लिए काम करेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ इलाके में शासन संभालेगा. इसका उद्देश्य गाजा में सामान्य जीवन को फिर से पटरी पर लाना है.
हमास ने भी समझौते की पुष्टि की
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमास के वरिष्ठ नेताओं ने भी माना है कि हथियारों और इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी को लेकर सहमति बनी है. संगठन का कहना है कि अब मध्यस्थ देशों और 'बोर्ड ऑफ पीस' की जिम्मेदारी होगी कि वे यह सुनिश्चित करें कि इजरायल भी समझौते की सभी शर्तों का पालन करे.
हथियार किसे सौंपे जाएंगे?
रिपोर्टों के अनुसार, हमास अपने हथियार एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) को सौंपेगा. इसके बाद गाजा के अलग-अलग हिस्सों को असैन्य क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां किसी भी सशस्त्र गतिविधि की अनुमति नहीं होगी.
बताया जा रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय बल में करीब 5,000 सैनिक तैनात किए जा सकते हैं और इसकी कमान एक अमेरिकी जनरल के हाथ में होगी.
अंतरराष्ट्रीय बल की क्या होगी जिम्मेदारी?
यह अंतरराष्ट्रीय बल गाजा में नई फिलिस्तीनी पुलिस को प्रशिक्षण देगा. इसके साथ ही इजरायली सेना की वापसी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा और हमास के हथियारों के जमा होने तथा सुरंगों को खत्म करने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा.
हमास ने रखी अपनी शर्त
हमास का कहना है कि वह तभी इस समझौते को पूरी तरह लागू करेगा, जब इजरायल भी अपनी सभी जिम्मेदारियां निभाएगा. संगठन का कहना है कि अगर इजरायली सेना की वापसी में देरी हुई या समझौते की किसी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो वह भी आगे की प्रक्रिया रोक सकता है.
हमास ने यह भी साफ किया है कि हथियारों को जमा कराने की प्रक्रिया में इजरायल की कोई भूमिका नहीं होगी. यह काम केवल अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और संबंधित समिति की निगरानी में किया जाएगा.
गाजा को असैन्य बनाने की तैयारी
रिपोर्टों के मुताबिक, गाजा को पूरी तरह असैन्य बनाने की प्रक्रिया में 200 से 300 दिन तक लग सकते हैं. इसके बाद नई प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह काम शुरू करेगी और गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
मिस्र में होगी अगली अहम बैठक
आने वाले दिनों में मिस्र की राजधानी काहिरा में अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्किये के प्रतिनिधियों की बैठक होने वाली है. इस बैठक में संघर्षविराम के अगले चरण और समझौते को लागू करने की पूरी योजना पर चर्चा होगी.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमास और दूसरे फिलिस्तीनी संगठनों ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अगर सभी पक्ष समझौते का पालन करते हैं, तो गाजा में राहत कार्य तेज हो सकते हैं और लंबे समय से प्रभावित इलाके के पुनर्निर्माण का रास्ता भी साफ हो सकता है.
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