"अभी नहीं थमा है हमला, सिर्फ अस्थायी विराम", गाजा प्लान पर बातचीत के बीच इजरायल का बड़ा बयान

Gaza Ceasefire: गाजा में जारी संघर्ष के बीच इज़रायल और हमास के बीच संभावित युद्धविराम की खबरों को लेकर इज़रायली सरकार ने रविवार (5 अक्टूबर, 2025) को स्थिति स्पष्ट की है. सरकार की ओर से कहा गया है कि फिलहाल कोई औपचारिक युद्धविराम लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल कुछ क्षेत्रों में बमबारी पर अस्थायी विराम लगाया गया है.

Israel big statement amid talks on Gaza plan know more about this
Image Source: Social Media

Gaza Ceasefire: गाजा में जारी संघर्ष के बीच इज़रायल और हमास के बीच संभावित युद्धविराम की खबरों को लेकर इज़रायली सरकार ने रविवार (5 अक्टूबर, 2025) को स्थिति स्पष्ट की है. सरकार की ओर से कहा गया है कि फिलहाल कोई औपचारिक युद्धविराम लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल कुछ क्षेत्रों में बमबारी पर अस्थायी विराम लगाया गया है.

इज़रायली रक्षा बलों (IDF) के हवाले से कहा गया है कि सुरक्षा बलों को आत्मरक्षा के अधिकार के तहत गाजा में सैन्य अभियान जारी रखने की पूरी अनुमति है. यानी जरूरत पड़ी तो बमबारी फिर से तेज़ हो सकती है.

बंधकों की रिहाई के लिए मिस्र में होगी बातचीत

इज़रायल के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि इज़रायली वार्ताकार रविवार रात मिस्र रवाना होंगे, जहां सोमवार (6 अक्टूबर) से हमास द्वारा बंधक बनाए गए इज़रायली नागरिकों की रिहाई को लेकर वार्ता शुरू हो सकती है.

युद्धविराम की चर्चा के बावजूद गाजा के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बमबारी की घटनाएं अब भी जारी हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी गाजा पूरी तरह वीरान और खतरनाक हो चुका है. हालात इतने खराब हैं कि वहां किसी भी तरह की आवाजाही संभव नहीं है.

क्वाडकॉप्टर से हो रहे हमले, लोगों का पलायन जारी

सूत्रों के अनुसार, इज़रायली सेना ने अब क्वाडकॉप्टर ड्रोन का इस्तेमाल भी तेज कर दिया है, जो गाजा के दक्षिण और मध्य क्षेत्रों से पलायन कर रहे नागरिकों पर हमला करने के लिए तैनात किए गए हैं. हालांकि कुछ लोग युद्धविराम की आस में शनिवार (4 अक्टूबर) को अपने घरों की ओर लौटने लगे थे, लेकिन IDF ने उन पर फायरिंग की, जिसमें कई लोग घायल हो गए.

अस्पतालों में हालात नाजुक, घायलों को नहीं मिल रहा इलाज

गाजा के अस्पतालों की हालत भी चिंताजनक है. इलाज की कमी के कारण कई लोग दम तोड़ रहे हैं. अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और मेडिकल स्टाफ सीमित संसाधनों में संघर्ष कर रहा है.

इस सबके बावजूद, स्थानीय लोगों के मन में अब भी उम्मीद है कि जल्द ही युद्धविराम की घोषणा होगी और यह नरसंहार रुकेगा. फिलिस्तीनी नागरिक शांति की आस में हैं, ताकि वे अपने उजड़े घरों को फिर से बसा सकें.

यह भी पढ़ें- Manipur: PLA के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, नंबोल हमले में शामिल 15 उग्रवादी गिरफ्तार