Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी इस भीषण जंग ने अब और भी भयानक मोड़ ले लिया है. एक तरफ जहां इजरायल ने ईरान के एक महत्वपूर्ण सैन्य अधिकारी की हत्या का दावा किया है, वहीं इस संघर्ष में दोनों देशों की सैन्य शक्ति लगातार बढ़ती जा रही है. ताजा जानकारी के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के नौसैनिक विंग के प्रमुख अलीरेज़ा तंगसिरी को एक हमले में मारा गया. इस हमले से इजरायल और ईरान के बीच तनाव और भी बढ़ सकता है, खासकर उस स्थिति में जब तंगसिरी ईरान की प्रमुख रणनीतिक स्थिति के जिम्मेदार थे.
ईरान के लिए एक बड़ा झटका
ईरान के लिए यह एक गंभीर क्षति मानी जा रही है, क्योंकि अलीरेज़ा तंगसिरी, जिनकी मौत पोर्ट शहर बंदर अब्बास में हुई, ईरान की नौसेना के एक प्रमुख अधिकारी थे. उनका मुख्य काम होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की निगरानी करना था, जो कि मध्य पूर्व से तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है. तंगसिरी की मौत से न केवल ईरान की सैन्य शक्ति को झटका लगा है, बल्कि इसकी रणनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा.
तंगसिरी का करियर
अलीरेज़ा तंगसिरी का जन्म दक्षिणी ईरान के बुशेहर प्रांत में हुआ था. उनका सैन्य करियर ईरान-इराक युद्ध और 1980 के दशक के "टैंकर वॉर" से शुरू हुआ, जब उन्होंने अपनी वीरता और नेतृत्व क्षमता को साबित किया. इसके बाद, वे लगातार ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना में ऊंचे पदों पर पहुंचे. उन्होंने बंदर अब्बास में नौसेना के प्रथम जिला कमांडर के रूप में कार्य किया और 2010 से 2018 तक डिप्टी कमांडर के पद पर कार्य किया. उनके नेतृत्व में, ईरान की नौसेना ने कई महत्वपूर्ण सैन्य कार्यों को अंजाम दिया, और बाद में उन्हें नौसेना का प्रमुख नियुक्त किया गया.
तंगसिरी की मौत और युद्ध के बढ़ते दुष्परिणाम
तंगसिरी की मौत ने इस संघर्ष को और भी गहरा कर दिया है, जो 28 फरवरी से शुरू हुआ था. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले शुरू करने के बाद, यह घटना उस लंबी सूची का हिस्सा बन गई है जिसमें कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारी मारे गए हैं. इस युद्ध में हर दिन नया खतरा और नुकसान सामने आ रहा है, और तंगसिरी की हत्या ने इस युद्ध के दुष्परिणाम को और अधिक गंभीर बना दिया है.
क्या हो रहा है अंदरूनी बदलाव?
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने का दावा भी इस संघर्ष के पहले ही दिन किया गया था. इसे ईरान के लिए सबसे बड़ा और दर्दनाक नुकसान माना जा रहा था. इसके बाद, ईरान के अन्य वरिष्ठ नेताओं और सैन्य अधिकारियों पर लगातार हमले हो रहे हैं. 17 मार्च को ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी की हत्या भी इजरायल के हमले में हुई थी. साथ ही, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की भी मौत हुई, जिन्होंने कुछ घंटों पहले ही एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि युद्ध के बावजूद ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता पूरी तरह बरकरार है.
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