तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने के लिए नया कानून बना रहा है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों के हवाले से बताया गया है कि संसद इस प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है.
बताया जा रहा है कि यह मसौदा कानून अधिकारियों को इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों और टैंकरों से शुल्क वसूलने की अनुमति देगा. ईरान का कहना है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है.
होर्मुज से गुजरने पर शुल्क क्यों?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी संसद की नागरिक मामलों की समिति ने इस योजना की पुष्टि की है. उनका कहना है कि प्रस्ताव लगभग तैयार है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे लागू किया जा सकता है.
ईरानी अधिकारियों का तर्क है कि:
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे अन्य देशों में ट्रांजिट के लिए शुल्क लिया जाता है, वैसे ही यहां भी यह व्यवस्था लागू की जा सकती है.
जहाजों से वसूला जाएगा भारी टोल
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान पहले भी कुछ जहाजों से शुल्क वसूल चुका है.
हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है.
इस वजह से इस मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
भारत समेत कई देशों पर असर
अगर यह कानून लागू होता है, तो इसका असर भारत सहित कई एशियाई देशों पर पड़ सकता है.
हालांकि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि भारत, चीन, पाकिस्तान, इराक और रूस जैसे दोस्त देशों के जहाजों को किसी तरह की रुकावट नहीं दी जाएगी.
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